
New Delhi, 7 दिसंबर . बिहार के बाद देश के 12 राज्यों और केंद्र शासित राज्यों में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का काम जारी है. इसी क्रम में India निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने एसआईआर के दूसरे चरण में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है. अधिकांश राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता-विशिष्ट गणना प्रपत्रों (ईएफ) का वितरण और डिजिटलीकरण लगभग पूरा हो चुका है. यह जानकारी Sunday को जारी ईसीआई के दैनिक बुलेटिन में दी गई.
निर्वाचन आयोग की तरफ से जारी बुलेटिन में बताया गया कि लक्षद्वीप, गोवा और अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह ने ईएफ का शत-प्रतिशत वितरण कर लिया है.
Rajasthan में भी ईएफ वितरण शत-प्रतिशत हुआ है. इसमें राज्य का 193-अंता विधानसभा क्षेत्र शामिल नहीं है, क्योंकि इस सीट पर उपचुनाव के कारण संशोधन स्थगित कर दिया गया था.
वहीं, Madhya Pradesh, छत्तीसगढ़ और पुडुचेरी में वितरण स्तर क्रमशः 99.99 प्रतिशत, 99.99 प्रतिशत और 99.98 प्रतिशत दर्ज किया गया. डिजिटलीकरण के मोर्चे पर भी लक्षद्वीप और Rajasthan ने शत-प्रतिशत कार्य पूरा कर लिया है.
Madhya Pradesh और छत्तीसगढ़ जैसे राज्य क्रमशः 99.89 प्रतिशत और 99.83 प्रतिशत डिजिटलीकरण के साथ दूसरे स्थान पर हैं.
पश्चिम बंगाल में 99.54 प्रतिशत, जबकि Gujarat में 99.04 प्रतिशत डिजिटलीकरण हुआ.
तमिलनाडु और केरल में डिजिटलीकरण में अपेक्षाकृत धीमी प्रगति हुई.
तमिलनाडु में 99 प्रतिशत, जबकि केरल में 96.89 प्रतिशत डिजिटलीकरण हुआ.
15.44 करोड़ से अधिक मतदाताओं वाले राज्य उत्तर प्रदेश में ईएफ वितरण का काम 99.94 प्रतिशत पूरा कर लिया गया है, लेकिन डिजिटलीकरण 95.72 प्रतिशत दर्ज किया गया है.
सूचीबद्ध सभी 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कुल 50.94 करोड़ फॉर्म वितरित किए गए हैं, जो कुल मतदाताओं का 99.94 प्रतिशत है.
डिजिटलीकरण 50.06 करोड़ फॉर्म है, जो 98.22 प्रतिशत के बराबर है.
बुलेटिन में यह भी उल्लेख किया गया है कि डिजिटलीकृत आंकड़ों में अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत या डुप्लिकेट के रूप में पहचानी गई प्रविष्टियां शामिल हैं.
चुनाव आयोग ने मान्यता प्राप्त Political दलों से आग्रह किया है कि वे सत्यापन की गति बनाए रखने के लिए आवश्यकतानुसार अतिरिक्त बीएलए नियुक्त करें.
आयोग ने यह भी सूचित किया है कि केरल में फॉर्म जमा करने की अंतिम तिथि 18 दिसंबर तक बढ़ा दी गई है.
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एमएस/डीकेपी