राजशाही से लोकतंत्र तक की उड़ान, ऐसे भारत में शामिल हुआ सिक्किम

New Delhi, 15 मई . 16 मई 1975… यह तारीख सिर्फ सिक्किम के India में शामिल होने की नहीं है बल्कि लोकतंत्र, पहचान और विकास की एक अनोखी यात्रा की कहानी भी है. आज से ठीक 51 साल पहले सिक्किम India का 22वां राज्य बना था. लेकिन इस खूबसूरत हिमालयी राज्य की कहानी केवल Political विलय तक सीमित नहीं है. यह कहानी राजशाही से लोकतंत्र तक, पारंपरिक समाज से आधुनिक विकास तक और प्रकृति के साथ संतुलन बनाकर आगे बढ़ने की मिसाल भी है.

कभी सिक्किम पर नामग्याल वंश का शासन हुआ करता था. इस वंश के शासकों को ‘चोग्याल’ कहा जाता था. 1642 से लेकर 1975 तक यहां राजशाही चली. हिमालय की गोद में बसे इस छोटे-से राज्य का अपना अलग अस्तित्व था. ब्रिटिश काल में भी सिक्किम पूरी तरह India का हिस्सा नहीं था, बल्कि एक ‘संरक्षित राज्य’ की तरह देखा जाता था. 1817 की तितालिया संधि और 1861 की तुमलोंग संधि ने ब्रिटिश प्रभाव को मजबूत किया. बाद में 1890 के कलकत्ता कन्वेंशन में सिक्किम-तिब्बत सीमा तय की गई.

1947 में जब India आजाद हुआ, तब सिक्किम ने तुरंत India में विलय नहीं किया. 1950 की भारत-सिक्किम संधि के बाद यह India का ‘प्रोटेक्टोरेट’ बना, मतलब सिक्किम की आंतरिक व्यवस्था तो उसके पास रही, लेकिन रक्षा, विदेश नीति और संचार की जिम्मेदारी India ने संभाली. धीरे-धीरे यहां लोकतांत्रिक अधिकारों की मांग तेज होने लगी. लोगों को लगा कि राजशाही अब उनके सपनों को पूरा नहीं कर पा रही है.

1974 में भारतीय संसद ने 35वां संविधान संशोधन पारित कर सिक्किम को ‘सह-राज्य’ का दर्जा दिया. यह दर्जा India के इतिहास में बिल्कुल अनोखा था, लेकिन जनता इससे भी संतुष्ट नहीं हुई. आखिरकार अप्रैल 1975 में जनमत संग्रह कराया गया. 97 प्रतिशत से ज्यादा लोगों ने राजशाही खत्म कर India में पूर्ण विलय के पक्ष में मतदान किया. इसके बाद 36वां संविधान संशोधन आया और 16 मई 1975 को सिक्किम आधिकारिक रूप से India का 22वां राज्य बन गया.

सिक्किम की खासियत सिर्फ उसका इतिहास नहीं है, बल्कि उसकी सांस्कृतिक और सामाजिक पहचान भी है. यही वजह है कि भारतीय संविधान में अनुच्छेद 371एफ जोड़ा गया. यह प्रावधान सिक्किम की संस्कृति, परंपरा और भूमि अधिकारों की रक्षा करता है. यही नहीं, सिक्किम India का एकमात्र राज्य है जहां मूल निवासियों को आयकर में विशेष छूट मिलती है.

2016 में सिक्किम दुनिया का पहला 100 प्रतिशत ऑर्गेनिक राज्य बना. यह कोई एक दिन का फैसला नहीं था. इसकी शुरुआत 2003 में हुई, जब राज्य ने रासायनिक खाद और कीटनाशकों को धीरे-धीरे खत्म करने का संकल्प लिया. किसानों को जैविक खेती के लिए प्रशिक्षित किया गया और Government ने पूरी नीति इसी दिशा में बना दी.

सिक्किम की प्राकृतिक खूबसूरती भी उसे बेहद खास बनाती है. यहां कंचनजंगा पर्वत है, जो India की सबसे ऊंची और दुनिया की तीसरी सबसे ऊंची चोटी है. तीस्ता नदी और उसकी सहायक नदियां पूरे राज्य की जीवनरेखा हैं. गुरुदोंगमार और त्सोम्गो जैसी झीलें, जेमू जैसे हिमनद और नाथुला जैसे सामरिक दर्रे सिक्किम को भौगोलिक रूप से भी बेहद महत्त्वपूर्ण बनाते हैं.

इतना छोटा राज्य होने के बावजूद सिक्किम विविधता का खजाना है. यहां लाल पांडा, नीली भेड़ और दुर्लभ पक्षियों की कई प्रजातियां मिलती हैं. कंचनजंगा राष्ट्रीय उद्यान को यूनेस्को ने विश्व धरोहर स्थल घोषित किया है. यह India का पहला ‘मिश्रित विश्व धरोहर स्थल’ है, जहां प्राकृतिक और सांस्कृतिक दोनों विरासतों को मान्यता मिली है.

पीआईएम/पीएम

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