
Bengaluru, 14 मार्च . कर्नाटक भाजपा ने Saturday को Chief Minister सिद्दारमैया का मजाक उड़ाते हुए दावा किया कि वह अब ‘निवर्तमान Chief Minister ’ बन गए हैं और अपने पद से इस्तीफा देने की तैयारी कर रहे हैं.
Bengaluru में भाजपा के राज्य कार्यालय, जगन्नाथ भवन में विधान परिषद में विपक्ष के नेता चलवाडी नारायणस्वामी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि सिद्दारमैया ने राजनीति में अपना पूरा जीवन बिताया है और अक्सर कहते हैं कि जब तक वह सांस लेते रहेंगे, सार्वजनिक जीवन में बने रहेंगे.
नारायणस्वामी ने सवाल किया, “राजनीति ही उनका जीवन रही है, लेकिन उन्होंने इस राज्य की जनता को क्या दिया है जिन्होंने उन्हें Political जीवन दिया?”
नारायणस्वामी ने सिद्दारमैया द्वारा हाल ही में अपने बेटे, कांग्रेस एमएलसी यतींद्र के लिए आशीर्वाद मांगने वाली टिप्पणियों का जिक्र करते हुए कहा कि Chief Minister अपने बेटे के Political भविष्य के लिए जमीन तैयार करते दिख रहे हैं.
उन्होंने कहा, “अब जब उनका अपना Political करियर समाप्त होने वाला है, तो वे लोगों से अपने बेटे को आशीर्वाद देने की अपील कर रहे हैं. उन्हें अपने बेटे के लिए बोलने के बजाय राज्य की जनता के लिए बोलना चाहिए था. ये शब्द एक ऐसे नेता के हैं जो अपने Political जीवन के अंतिम चरण में हैं.”
उन्होंने आगे कहा कि राज्यसभा चुनाव नजदीक आ रहे हैं और दावा किया कि उस समय सिद्दारमैया अपनी कुर्सी खो सकते हैं.
नारायणस्वामी ने आरोप लगाया, “अब तक सिद्दारमैया कहते आ रहे थे कि वे पांच साल तक Chief Minister बने रहेंगे. अब उन्हें फिर से यही कहना चाहिए. उनमें अब ऐसा करने का साहस नहीं बचा है और वे दार्शनिक बयान दे रहे हैं. वे गुहार लगा रहे हैं कि उनका समय समाप्त हो गया है और लोगों को उनके बेटे की रक्षा करनी चाहिए. जल्द ही वे अपने पद से इस्तीफा दे देंगे.”
उन्होंने सिद्दारमैया के इस दावे की भी आलोचना की कि उन्होंने पूर्व Chief Minister देवराज उर्स के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है.
उन्होंने कहा, “हो सकता है कि उन्होंने उर्स के कार्यकाल के दौरान पेश किए गए बजटों या वर्षों की संख्या को पार कर लिया हो, लेकिन वे राज्य के लिए उर्स के योगदान की बराबरी नहीं कर सकते. 17 बजट पेश करना उनका रिकॉर्ड हो सकता है, लेकिन इस राज्य की जनता को इससे कुछ भी हासिल नहीं हुआ है.”
जब नारायणस्वामी से पूछा गया कि सिद्दारमैया के इस्तीफे की स्थिति में अगला Chief Minister कौन बन सकता है, तो उन्होंने कहा कि यह निर्णय कांग्रेस पार्टी को लेना है. हालांकि, उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी किसी दलित नेता को Chief Minister नहीं बनाएगी.
उन्होंने आरोप लगाया, “दलित नेताओं को बार-बार न्याय से वंचित किया गया है. आजादी के इतने वर्षों बाद भी दलितों का इस्तेमाल सिर्फ वोट बैंक के रूप में किया जा रहा है. सिद्दारमैया ने दलितों को Chief Minister बनने का हर अवसर देने से इनकार कर दिया है.”
उन्होंने सिद्दारमैया पर दलित विरोधी होने का आरोप लगाते हुए दावा किया कि एससीएसपी/टीएसपी योजनाओं के तहत अनुसूचित जातियों के लिए आवंटित धनराशि को Government की गारंटी योजनाओं के वित्तपोषण में लगा दिया गया था.
उन्होंने कहा, “कानून में यह लिखा है कि एससीएसपी/टीएसपी निधि का उपयोग केवल दलितों के लिए होना चाहिए. सिद्दारमैया ने इन निधियों का इस्तेमाल गारंटी देने के लिए किया. यहां तक कि उनकी पार्टी के कुछ विधायकों ने भी इसका विरोध किया था, फिर भी 15,000 करोड़ रुपए का गबन किया गया. वे आंतरिक आरक्षण को ठीक से लागू करने में भी विफल रहे हैं और इससे और भी समस्याएं पैदा हो रही हैं.”
नारायणस्वामी ने राज्य Government से फ्लिपकार्ट पर एक विज्ञापन के खिलाफ कार्रवाई करने का भी आग्रह किया, जिसमें एक लीटर दूध 1 रुपए में बेचा जा रहा है.
उन्होंने कहा कि विज्ञापन से किसानों में गुस्सा फैल गया है.
उन्होंने कहा, “किसी को भी किसानों के लिए समस्याएं पैदा नहीं करनी चाहिए. ऐसे विज्ञापन विपणन रणनीति के तौर पर एक दिन के लिए दिखाए जा सकते हैं, लेकिन दूध हर दिन 1 रुपए प्रति लीटर नहीं बेचा जा सकता. ये विज्ञापन उपभोक्ताओं को गुमराह करते हैं और किसानों को नुकसान पहुंचाते हैं. Government को ऐसे भ्रामक प्रचारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए.”
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डीकेपी/