राबड़ी-नीतीश आवास विवाद पर शिवसेना (यूबीटी) का बयान, दोनों को नियमों के तहत बंगला छोड़ना चाहिए

Mumbai , 1 जून . बिहार में Governmentी आवास को लेकर जारी सियासत के बीच शिवसेना (यूबीटी) के प्रवक्ता आनंद दुबे ने स्पष्ट कहा है कि पूर्व Chief Minister राबड़ी देवी और Chief Minister पद छोड़ चुके नीतीश कुमार, दोनों को ही अपनी पात्रता के अनुरूप Governmentी आवास खाली कर देना चाहिए. उन्होंने कहा कि Governmentी बंगलों का रखरखाव जनता के पैसे से होता है, इसलिए किसी भी व्यक्ति को पद छोड़ने के बाद नियमों के अनुसार ही आवास का उपयोग करना चाहिए.

दरअसल, जेडीजे के संस्थापक तेज प्रताप यादव द्वारा राज्यसभा सदस्य नीतीश कुमार को लेकर दिए गए बयान और Patna के 10 सर्कुलर रोड स्थित Governmentी बंगले को लेकर उठे विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए आनंद दुबे ने कहा कि यह कोई मुद्दा नहीं होना चाहिए कि पहले कौन आवास खाली करे. उन्होंने कहा कि न तो अब नीतीश कुमार Chief Minister हैं और न ही राबड़ी देवी, इसलिए दोनों को ही अपने पद और पात्रता के अनुसार आवास लेना चाहिए. उन्होंने कहा कि एक बेटा होने के नाते तेज प्रताप यादव का अपनी मां के समर्थन में आना स्वाभाविक है लेकिन लोकतंत्र और प्रशासनिक व्यवस्था के हित में दोनों नेताओं को Governmentी बंगला खाली कर देना चाहिए.

वहीं, पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के सांसदों कल्याण बनर्जी और अभिषेक बनर्जी पर हुए कथित हमलों को लेकर भी आनंद दुबे ने भाजपा पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि कल्याण बनर्जी और अभिषेक बनर्जी दोनों ही कई बार चुने हुए सांसद रहे हैं और यदि उन पर हमला होता है तो यह केवल व्यक्तियों पर नहीं बल्कि लोकतंत्र पर हमला माना जाएगा. पूर्व Chief Minister ममता बनर्जी को लोकतांत्रिक तरीके से विरोध प्रदर्शन करने का पूरा अधिकार है. चाहे वह धरना दें, भूख हड़ताल करें या मार्च निकालें, लोकतंत्र में यह उनका संवैधानिक अधिकार है.

आनंद दुबे ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी को आत्ममंथन करने की आवश्यकता है. भाजपा सत्ता में बदलाव का वादा करके आई थी, लेकिन यदि हिंसा और Political हमले जारी रहते हैं तो जनता इस पर सवाल उठाएगी. उन्होंने कहा कि यदि लोग तृणमूल कांग्रेस के 15 वर्षों के शासनकाल की घटनाओं को याद रखते हैं तो भाजपा शासन के दौरान हुई हालिया हिंसा को भी याद रखेंगे. उन्होंने सभी Political दलों से शांति बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि यदि चुने हुए सांसदों पर इस प्रकार के हमले होते रहेंगे तो लोकतंत्र में लोगों का विश्वास कमजोर होगा.

Maharashtra विधान परिषद (एमएलसी) चुनावों को लेकर भी शिवसेना (यूबीटी) ने महायुति गठबंधन पर तीखा हमला बोला. आनंद दुबे ने दावा किया कि महायुति के भीतर गंभीर अंतर्विरोध और आपसी संघर्ष चल रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा और एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना एक-दूसरे को Political रूप से कमजोर करने की कोशिश कर रही हैं और उनके बीच केवल दिखावटी एकता है. इसके विपरीत उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी ने डॉक्टरों और इंजीनियरों जैसे शिक्षित उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है और उन्हें चुनाव में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है.

उन्होंने कहा कि एमएलसी चुनाव सीधे जनता द्वारा नहीं बल्कि स्थानीय निकायों के निर्वाचित प्रतिनिधियों द्वारा तय किए जाते हैं. ऐसे में कागजों पर भले ही महायुति के आंकड़े अधिक दिखाई देते हों, लेकिन जनसमर्थन और Political माहौल के लिहाज से महा विकास अघाड़ी अधिक मजबूत स्थिति में है. उन्होंने विश्वास जताया कि चुनाव परिणाम उनकी उम्मीदों के अनुरूप होंगे.

सीटों के बंटवारे पर बोलते हुए आनंद दुबे ने कहा कि फिलहाल उनकी पार्टी पांच या छह सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है और जल्द ही अंतिम निर्णय ले लिया जाएगा. उन्होंने बताया कि महा विकास अघाड़ी के भीतर कांग्रेस ने राज्यसभा और एमएलसी सीटों में अधिक हिस्सेदारी की मांग की थी. इस पर सहयोगी दलों ने कांग्रेस को प्राथमिकता देने पर सहमति जताई है. उन्होंने कहा कि गठबंधन के भीतर बातचीत जारी है और जल्द ही सभी सीटों पर अंतिम सहमति बन जाएगी.

पीआईएम/वीसी

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