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Tuesday, 20 October 2026
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बालासाहेब ठाकरे की बनाई शिवसेना ही असली पार्टी: आनंद दुबे

बालासाहेब ठाकरे की बनाई शिवसेना ही असली पार्टी: आनंद दुबे

Mumbai , 21 जून . केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के उस बयान पर Political विवाद गहरा गया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि अब केवल एक ही शिवसेना है और वह Chief Minister एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में कार्य कर रही है. अमित शाह के इस बयान पर शिवसेना (यूबीटी) के प्रवक्ता आनंद दुबे ने कहा कि बालासाहेब ठाकरे की बनाई शिवसेना ही असली पार्टी है.

उन्‍होंने कहा कि चुनाव आयोग में Political प्रभाव और पार्टियों में फूट डालकर किसी गुट को मान्यता दिलाई जा सकती है, लेकिन उससे वह मूल पार्टी नहीं बन जाती.

शिवसेना (यूबीटी) के प्रवक्ता आनंद दुबे ने कहा कि देश और विशेष रूप से Maharashtra में केवल एक ही शिवसेना है, जिसकी स्थापना हिंदू हृदय सम्राट बालासाहेब ठाकरे ने 19 जून 1966 को की थी. उन्होंने कहा कि शिवसेना का गठन मराठी मानुष के सम्मान, हिंदुत्व के विस्तार और राष्ट्र की रक्षा के उद्देश्य से किया गया था, और वही संगठन आज भी वास्तविक शिवसेना है.

आनंद दुबे ने समाचार एजेंसी से कहा कि वर्तमान में जो अन्य समूह शिवसेना होने का दावा कर रहा है, वह वास्तव में केवल गुट है, पार्टी नहीं. उन्होंने आरोप लगाया कि दल-बदल और Political खरीद-फरोख्त के जरिए विभिन्न गुट बनाए जा सकते हैं, लेकिन इससे कोई संगठन मूल पार्टी नहीं बन जाता.

उन्‍होंने कहा कि किसी Political दल को खड़ा करने और जनता के बीच उसकी पहचान स्थापित करने में वर्षों लगते हैं.

उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी का गठन वर्ष 1980 में हुआ था, जबकि कांग्रेस पार्टी का इतिहास देश की आजादी से पहले का है. इसी तरह Samajwadi Party, बहुजन समाज पार्टी और तृणमूल कांग्रेस जैसी पार्टियों को भी स्थापित हुए 25 वर्ष से अधिक समय हो चुके हैं. ऐसे में किसी गुट को अचानक पार्टी के रूप में प्रस्तुत करना Political वास्तविकताओं के विपरीत हैं. दुबे ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री को यह समझना चाहिए कि एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाला संगठन एक गुट है, न कि मूल शिवसेना.

इस दौरान उन्होंने Maharashtra की महायुति Government पर भी निशाना साधा. विपक्षी दलों को कमजोर करने के लिए Governmentी संसाधनों और फंड के इस्तेमाल के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए आनंद दुबे ने कहा कि सत्ता में बैठे लोग नहीं चाहते कि विपक्ष मजबूत बने. उन्होंने कहा कि विपक्षी विधायकों को विकास कार्यों के लिए पर्याप्त फंड नहीं दिया जाता, जबकि सत्तारूढ़ गठबंधन के विधायकों को अधिक धनराशि उपलब्ध कराई जाती है. पहले इस प्रकार की राजनीति नहीं होती थी और विकास निधि का वितरण अपेक्षाकृत निष्पक्ष तरीके से किया जाता था.

दुबे ने कहा कि Governmentी फंड जनता के कल्याण और विकास कार्यों के लिए होता है, इसलिए उसके वितरण में किसी प्रकार का भेदभाव नहीं होना चाहिए.

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एएसएच/डीकेपी

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