
Mumbai , 17 अप्रैल . हिंदी सिनेमा की कई अभिनेत्रियां फिल्मों में आना नहीं चाहती थीं. लेकिन, उन्हें फिल्म इंडस्ट्री ने बड़ा मुकाम दिया. ऐसी ही एक Actress रहीं पूनम ढिल्लों, जिन्होंने बहुत कम उम्र में सिनेमा में काम करना शुरू कर दिया था.
Actress की पहली फिल्म यश चोपड़ा और बड़े स्टार्स के साथ थी, जिनके साथ सेट पर काम कर पाना पूनम के लिए बिल्कुल आसान नहीं था.
18 अप्रैल 1962 को चंडीगढ में जन्मीं पूनम ने कभी नहीं सोचा था कि वो फिल्मों में काम करेंगी, लेकिन सहेलियों के कहने पर दिल्ली की मिस यंग इंडिया ब्यूटी कॉन्टेस्ट में हिस्सा लिया, वो भी बिना माता-पिता को बताए. उन्हें नहीं पता था कि वो जीतने वाली हैं. इसे जीतने के बाद वे इतनी डर गई थी कि नहीं पता था कि माता-पिता को कैसे बताए. अगले दिन अखबार में फोटो भी आनी थी. Actress ने हिम्मत करके घर पर बता दिया, लेकिन ज्यादा डांट नहीं पड़ी.
मिस यंग इंडिया ब्यूटी कॉन्टेस्ट को जीतने के बाद भी पूनम फिल्मों में काम करने के लिए तैयार नहीं थीं, लेकिन उन्हें शशि कपूर की फिल्म ‘ट्रेन टू Pakistan’ का ऑफर आया, जिसके लिए उन्होंने मना कर दिया.
पूनम के रिजेक्शन के बाद वो फिल्म बनी नहीं, हालांकि कुछ सालों बाद Actress को यश चोपड़ा ने फिल्म ‘त्रिशूल’ के लिए बुलाया. Actress ने मना कर दिया, क्योंकि वे जानती थी कि माता-पिता नहीं मानेंगे, लेकिन फिल्म की शूटिंग दिल्ली में होनी थी. इसको देखते हुए Actress ने घर में बगावत के सुर छेड़ दिए.
अपनी नानी के दिल्ली वाले घर में रहकर पूनम ने फिल्म ‘त्रिशूल’ की शूटिंग पूरी की. Actress की पहली फिल्म का सेट पर एक्सपीरियंस भी काफी डराने वाला था. Actress हिंदी सिनेमा में नई थी और संवाद बोलने का भी एक्सपीरियंस नहीं था. ऐसे में वे सेट पर डर-डर कर डायलॉग बोलती थीं, लेकिन निर्देशक यश चोपड़ा सेट पर उनका हौसला बढ़ाते रहते थे.
खुद पूनम ढिल्लों ने इस बात की जानकारी दी थी कि सेट पर शशि कपूर ने उन्हें जोरदार थप्पड़ मारा, क्योंकि मुझे एक्टिंग का एक्सपीरियंस नहीं था और सीन को रियल बनाने के लिए बहुत जोरदार थप्पड़ लगा था. उन्होंने वादा किया था कि जितने थप्पड़ लगेंगे, उतने ही किस मिलेंगे. हालांकि, शॉट एक ही टेक में पूरा हो गया.
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पीएस/एबीएम