
इस्लामाबाद, 19 फरवरी . Pakistan की सियासत में अजब सी उथल-पुथल मची है. केंद्र में Pakistan-तहरीक-ए-इंसाफ के संस्थापक इमरान खान की सेहत है. पीएम शहबाज शरीफ के दो करीबियों की टिप्पणी और बयान एक-दूसरे से मेल नहीं खा रहे हैं. मीडिया में शोर मचा तो बड़बोले सूचना मंत्री अत्ताउल्लाह तरार को सफाई पेश करनी पड़ी.
सूचना मंत्री अत्ताउल्लाह तरार ने Thursday को Government और जेल में बंद इमरान खान के बीच किसी भी तरह की “डील” के बारे में मीडिया की अटकलों को पूरी तरह से खारिज कर दिया.
एक्स पर शेयर किए गए एक बयान में, तरार ने कहा, “इमरान के लिए न तो कोई डील हुई है और न ही कोई नरमी बरती जा रही है.”
उन्होंने आगे कहा कि Government द्वारा पूर्व Prime Minister को रियायतें देने की कोई भी धारणा “पूरी तरह से झूठी और गुमराह करने वाली” है.
तरार ने कहा, “इमरान खान एक अपराधी हैं जिन्हें अदालतों ने दोषी ठहराया है, और उनके लिए नरमी की खबरें बेबुनियाद हैं. इन रिपोर्टों में कोई सच्चाई नहीं है.”
इमरान, जो अगस्त 2023 से जेल में हैं, 190 मिलियन डॉलर के भ्रष्टाचार मामले में रावलपिंडी की अडियाला जेल में 14 साल की सजा काट रहे हैं और कुछ महीने पहले उन्हें Governmentी तोहफों से जुड़े एक और मामले में दोषी ठहराया गया था. उन पर 9 मई, 2023 के विरोध प्रदर्शनों से जुड़े एंटी-टेररिज्म एक्ट के तहत पेंडिंग ट्रायल भी चल रहे हैं.
दरअसल ये सफाई Prime Minister के पॉलिटिकल अफेयर्स सलाहकार राणा सनाउल्लाह के उस बयान के बाद आई है जिसमें उन्होंने कहा था कि समाधान तक पहुंचने की कोशिश की गई थी, लेकिन इमरान “किसी भी डील” के लिए तैयार नहीं थे.
सनाउल्लाह ने Wednesday को एयर हुए एआईवाई न्यूज को दिए इंटरव्यू में कहा, “वह (इमरान) किसी भी डील के लिए तैयार नहीं हैं.”
उन्होंने आगे कहा, “दो बार बहुत गंभीर कोशिशें की गईं. वो डील के लिए तैयार नहीं हुए और उनकी मांगें ऐसी हैं कि मौजूदा Government उन्हें पूरा नहीं कर सकती.”
सनाउल्लाह ने पूर्व Prime Minister खान को “गैर-Political रवैया” वाला और “जिद्दी” बताया. पीएमएल-एन नेता के मुताबिक, नवंबर 2024 के विरोध प्रदर्शनों के बाद गृह मंत्री मोहसिन नकवी और खैबर पख्तूनख्वा के पूर्व Chief Minister अली अमीन गंडापुर के बीच “एक गंभीर कोशिश” हुई थी.
सनाउल्लाह ने कहा, “मैं दूसरी का डिटेल में नहीं बता सकता क्योंकि कुछ लोग विदेश से आए थे और कहा कि उनका इमरान के साथ कुछ तो “लिंक” था. वे इमरान खान साहब से भी मिले, और मेरी जानकारी के मुताबिक, इमरान खान साहब पहले तो उनसे सहमत हो गए, लेकिन फिर वह इससे पीछे हट गए.”
सनाउल्लाह ने कहा कि पीटीआई नेता जनवरी में Government के साथ बातचीत करना चाहते थे, लेकिन इमरान ने इस कदम का विरोध किया.
डॉन के अनुसार, Tuesday को संसदीय सचिव बैरिस्टर दानयाल चौधरी ने भी इमरान के साथ किसी भी तरह की “डील” से इनकार किया और दावा किया कि इमरान पहले दिन से ही डील और रियायत चाहते थे.
उन्होंने कहा, “हम भी बातचीत के लिए तैयार हैं, लेकिन हम इस बारे में कोई ब्लैकमेल नहीं मानेंगे. इमरान खान को इलाज के लिए विदेश भेजने का एकमात्र कारण उनकी सेहत है.”
उनका यह बयान पीटीआई द्वारा पार्टी संस्थापक की सेहत को लेकर जताई गई चिंताओं के बीच आया. हाल ही में Supreme Court को सौंपी गई एक रिपोर्ट में कहा गया था कि उनकी दाहिनी आंख की रोशनी मात्र 15 फीसदी रह गई है.
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केआर/