
श्रीनगर, 25 जनवरी . साहित्य और शिक्षा के क्षेत्र में पद्म श्री 2026 से सम्मानित होने पर कश्मीरी कवि प्रोफेसर शफी शौक ने खुशी जाहिर की है.
पद्म श्री अवॉर्ड 2026 के लिए चुने जाने पर कवि, प्रोफेसर शफी शौक ने से बातचीत में कहा कि आज मेरे लिए बहुत खुशी का पल है क्योंकि मुझे पद्मश्री अवॉर्ड के लिए नॉमिनेट किया गया है. यह घोषणा की गई है कि मैं उन खास हस्तियों में से हूं, जिन्होंने महत्वपूर्ण योगदान दिया है. यह सम्मान सिर्फ मेरे लिए नहीं, बल्कि कश्मीरी भाषा, साहित्य और यहां की बौद्धिक गतिविधियों के लिए है. यह उन सभी कवियों और लेखकों के लिए है, जो इन क्षेत्रों में काम कर रहे हैं.
उन्होंने बताया कि वे कश्मीर विश्वविद्यालय के टीचर रहे हैं और कुछ वर्ष पहले रिटायर हुए. उन्होंने कहा कि यह मेरे लिए बहुत सम्मान का पल है, खुशी की बात है कि मेरा नाम इस साल के पद्म श्री अवॉर्ड पाने वालों की लिस्ट में है. लेकिन यह अवॉर्ड मेरे लिए एक सम्मान है क्योंकि मैंने सिर्फ 45 किताबें ही नहीं, बल्कि अंग्रेजी, हिंदी और कश्मीरी में 106 किताबें लिखी हैं. सभी किताबें पाठकों के बीच बहुत लोकप्रिय हैं. मुझे हैरानी है, मुझे यह जानकर सच में बहुत खुशी हुई कि एडमिनिस्ट्रेशन भी ऐसे काम पर ध्यान देता है और मेरे काम की कुछ लोगों ने तारीफ की है. सच में यह मेरे लिए बहुत बड़ा सम्मान है.
उन्होंने कहा कि मुझे पहले भी कई अवॉर्ड और सम्मान मिले हैं, लेकिन यह सम्मान, पद्म श्री बहुत कम लोगों को मिलता है, और यह सिर्फ उन्हीं लोगों को दिया जाता है, जिन्होंने जीवन के अलग-अलग क्षेत्रों में बेहतरीन प्रदर्शन किया हो.
शफी शौक ने कहा कि मैं चाहता हूं कि जिन भी लोगों को जो कुछ भी पता है, वह लिखना शुरू करें. सिर्फ शायरी लिखने से कुछ नहीं होता है. पहले पढ़ना शुरू करें. फिर लिखना जारी रखें.
बताते चलें कि शफी शौक को साहित्य अकादमी के प्रतिष्ठित अवॉर्ड, स्टेट अकादमी अवॉर्ड और स्टेट गवर्नमेंट अवॉर्ड सहित कई अवॉर्ड मिले हैं.
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डीकेएम/एबीएम