प्राइवेट स्कूलों पर फीस के नाम पर ब्लैकमेलिंग का आरोप: सौरभ भारद्वाज

New Delhi, 14 फरवरी . दिल्ली में निजी स्कूलों द्वारा बढ़ाई गई फीस को लेकर सियासत तेज हो गई है. आम आदमी पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाया है कि बढ़ी हुई फीस न देने वाले मिडिल क्लास अभिभावकों को निजी स्कूलों द्वारा ब्लैकमेल किया जा रहा है.

उनका कहना है कि जिन अभिभावकों ने मनमाने ढंग से बढ़ाई गई फीस जमा नहीं की है, उनके बच्चों के बोर्ड परीक्षाओं के रोल नंबर रोक दिए गए हैं. सौरभ भारद्वाज ने कहा कि उनके पास कई अभिभावकों की शिकायतें सबूतों के साथ पहुंची हैं. उन्होंने दावा किया कि एपीजे स्कूल में एक राष्ट्रीय स्तर की खेल खिलाड़ी छात्रा का रोल नंबर रोक दिया गया है और उस पर बढ़ी हुई फीस जमा करने का दबाव बनाया जा रहा है. इसी तरह सलवान पब्लिक स्कूल में भी अभिभावकों पर अतिरिक्त फीस जमा करने के लिए दबाव डाले जाने की शिकायत सामने आई है.

उन्होंने आरोप लगाया कि 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं के मद्देनजर अभिभावकों को डराया जा रहा है कि यदि फीस जमा नहीं की गई तो बच्चों को परीक्षा में बैठने से वंचित कर दिया जाएगा, जिससे उनका भविष्य प्रभावित होगा. भारद्वाज ने इसे “खुल्लम-खुल्ला ब्लैकमेलिंग और गुंडागर्दी” करार देते हुए कहा कि भाजपा Government इस पूरे मामले में मूकदर्शक बनी हुई है.

उन्होंने कहा कि Government ने न तो किसी निजी स्कूल की बढ़ी हुई फीस वापस करवाई है और न ही किसी स्कूल प्रबंधन के खिलाफ First Information Report दर्ज की है. इससे Government और निजी स्कूल संचालकों के बीच सांठगांठ का संदेह गहराता है. उन्होंने आरोप लगाया कि 20 से 80 प्रतिशत तक की फीस वृद्धि को अप्रत्यक्ष रूप से वैधता प्रदान कर दी गई है.

गौरतलब है कि हाल ही में Supreme Court ऑफ इंडिया में फीस कंट्रोल एक्ट को लेकर सुनवाई के दौरान Government का शिक्षा विभाग अपनी दलीलें प्रभावी ढंग से प्रस्तुत नहीं कर सका. कोर्ट ने कानून लाने में जल्दबाजी पर सवाल उठाए थे. Government ने स्पष्ट किया था कि 1 अप्रैल 2025 से शुरू हुए शैक्षणिक सत्र 2025-26 में बढ़ाई गई फीस की समीक्षा इस कानून के तहत नहीं की जाएगी. इसके अतिरिक्त दिल्ली हाई कोर्ट ने फीस निर्धारण के लिए स्कूलों में गठित कमेटियों पर भी रोक लगा दी है.

पीकेटी/डीएससी

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