
Mumbai , 16 जून . शिवसेना के प्रवक्ता संजय निरुपम ने शिवसेना (यूबीटी) पर निशाना साधते हुए कहा कि यह संगठन और पार्टी धीरे-धीरे कमजोर होती जा रही है. उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2029 तक यह पार्टी पूरी तरह समाप्त हो सकती है. शिवसेना प्रवक्ता ने इसके लिए पार्टी नेतृत्व को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि नेतृत्व में सुस्ती, अहंकार और कार्यकर्ताओं के साथ संवाद की कमी साफ दिखाई देती है. उनके अनुसार पार्टी का नेतृत्व ‘वर्क फ्रॉम होम’ की तरह काम कर रहा है, जिसके कारण कार्यकर्ताओं के बीच गहरी नाराजगी और असंतोष है.
शिवसेना की राष्ट्रीय प्रवक्ता शाइना एनसी ने पार्टी में शामिल हो रहे नए लोगों को लेकर कहा कि किसी तरह के कयास लगाने की जरूरत नहीं है. शिवसेना का एकमात्र मिशन ‘ऑपरेशन प्रगति’ है. शाइना एनसी ने दावा किया कि उपChief Minister एकनाथ शिंदे की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है और हर दिन बड़ी संख्या में लोग पार्टी से जुड़ रहे हैं.
इन सब के बीच शिवसेना (यूबीटी) सांसदों से जुड़े ‘ऑपरेशन टाइगर’ की अटकलों पर यूबीटी सांसद भाऊसाहेब वाकचौरे ने कहा, “मैं यूबीटी के साथ हूं. ये अटकलें पिछले एक साल से चल रही हैं. मुझे नहीं पता कि ये क्यों चल रही हैं. आज, मैं यूबीटी के साथ खड़ा हूं.”
वहीं, दूसरी ओर संजय निरुपम ने पीएम मोदी को स्लोवाकिया का सर्वोच्च नागरिक सम्मान मिलने पर भी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि पीएम मोदी केवल India में ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में एक विश्वसनीय और लोकप्रिय नेता के रूप में स्थापित हैं. वैश्विक राजनीति और भू-Political मामलों में Prime Minister मोदी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं, इसी वजह से स्लोवाकिया ने उन्हें अपने सर्वोच्च राष्ट्रीय सम्मान से सम्मानित किया है.
इंडिया ब्लॉक को लेकर भी निरुपम ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि गठबंधन की प्रमुख सहयोगी पार्टी डीएमके ने कांग्रेस की नीतियों और विशेष रूप से राहुल गांधी की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं. डीएमके ने राहुल गांधी को अविश्वसनीय बताते हुए आरोप लगाया है कि वे जानबूझकर सहयोगी दलों को कमजोर करने का प्रयास करते हैं.
–
वीकेयू/पीएम