
New Delhi, 15 जुलाई . शिवसेना सांसद संजय देशमुख ने महिला आरक्षण और परिसीमन के मुद्दे का समर्थन किया. उन्होंने महिला आरक्षण को समय की जरूरत बताया. साथ ही, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के प्रमुख शरद पवार और Maharashtra के उपChief Minister एकनाथ शिंदे की मुलाकात तथा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ शिवसेना सांसदों की बैठक को लेकर प्रतिक्रिया दी. संजय देशमुख ने कहा कि वरिष्ठ नेताओं की मुलाकातों को Political रंग नहीं दिया जाना चाहिए.
महिला आरक्षण और परिसीमन के मुद्दे पर शरद पवार की ओर से समर्थन मिलने की अटकलों पर संजय देशमुख ने कहा कि महिलाओं को राजनीति में पर्याप्त प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए. लंबे समय से समाज में महिलाओं के लिए Political आरक्षण की मांग उठती रही है और अब इसे लागू किया जाना चाहिए. शिक्षा, खेल, प्रशासन और अन्य सभी क्षेत्रों में महिलाओं ने अपनी प्रतिभा और क्षमता का परिचय दिया है. ऐसे में राजनीति में भी उन्हें समान भागीदारी मिलना स्वाभाविक है. महिलाओं की इच्छा रही है कि उन्हें पुरुषों के बराबर Political अवसर मिलें. यदि सुप्रिया सुले ने महिला आरक्षण और परिसीमन के मुद्दे पर सकारात्मक निर्णय लिया है, तो उसका स्वागत किया जाना चाहिए.
एकनाथ शिंदे और शरद पवार की मुलाकात को लेकर चल रही चर्चाओं पर संजय देशमुख ने कहा कि शरद पवार देश के वरिष्ठ और सम्मानित नेताओं में से एक हैं. उनका सम्मान केवल Maharashtra ही नहीं, बल्कि पूरे देश में किया जाता है. यदि कोई वरिष्ठ नेता किसी भी Political दल के नेता से मिलने जाता है, तो उसका सम्मानपूर्वक स्वागत करना भारतीय संस्कृति और विशेष रूप से Maharashtra की Political परंपरा का हिस्सा है. इस मुलाकात को Political नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए.
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से हुई मुलाकात का उल्लेख करते हुए संजय देशमुख ने कहा कि एकनाथ शिंदे के नेतृत्व का समर्थन करने वाले छह सांसदों ने सामूहिक रूप से मुलाकात की. बैठक का उद्देश्य किसी Political चर्चा के बजाय अपने-अपने संसदीय क्षेत्रों की विकास परियोजनाओं और लंबित समस्याओं को केंद्र Government के समक्ष रखना था. उन्होंने वर्धा, यवतमाल और नांदेड़ से जुड़ी महत्वपूर्ण रेलवे परियोजनाओं सहित क्षेत्रीय विकास के कई मुद्दे उठाए. उन्होंने इन परियोजनाओं को शीघ्र पूरा कराने का आग्रह किया.
देशमुख ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री ने उनकी मांगों को गंभीरता से सुना और सकारात्मक आश्वासन दिया. क्षेत्र के लिए आवश्यक वित्तीय सहायता और विकास योजनाओं पर भी सकारात्मक चर्चा हुई और उन्हें विश्वास है कि इन परियोजनाओं पर जल्द प्रगति देखने को मिलेगी.
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पीएसके/एबीएम