‘समाजवादी पार्टी जाति-धर्म की राजनीति नहीं करती’, सीएम योगी पर बरसे सपा विधायक रईस शेख

Mumbai , 22 अगस्त . Samajwadi Party के विधायक रईस शेख ने उत्तर प्रदेश के Chief Minister योगी आदित्यनाथ के Samajwadi Party को लेकर दिए गए बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि सपा जाति और धर्म की राजनीति नहीं करती, बल्कि समाज के पिछड़े और वंचित वर्गों के अधिकारों की लड़ाई लड़ती है. रईस शेख ने कहा कि इस तरह के बयानों के जरिए लोगों के बीच ध्रुवीकरण और भ्रम पैदा करने की कोशिश की जा रही है.

रईस शेख ने कहा कि Samajwadi Party किसी जाति या धर्म के खिलाफ राजनीति नहीं करती. उनका कहना था कि किसी भी जाति या धर्म का व्यक्ति अगर सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़ा है, तो पार्टी उसकी आवाज उठाती रही है और आगे भी उठाती रहेगी. पार्टी की राजनीति हमेशा प्रगति, पिछड़े वर्गों और समाज के हर वर्ग के हितों के लिए रही है.

Chief Minister योगी आदित्यनाथ के बयान पर रईस शेख ने कहा कि इस तरह के वक्तव्यों के जरिए ध्रुवीकरण की राजनीति करने और लोगों में भ्रम पैदा करने का प्रयास किया जा रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि देश में शिक्षा व्यवस्था और युवाओं से जुड़े कई गंभीर मुद्दे हैं, जिनसे ध्यान हटाने के लिए विभाजनकारी मुद्दों को सामने लाया जा रहा है. उन्होंने नीट परीक्षा में कथित पेपर लीक और छात्रों से जुड़े विवादों का जिक्र करते हुए कहा कि पिछले वर्षों में शिक्षा क्षेत्र की स्थिति पर भी सवाल उठे हैं. ऐसे मुद्दों पर चर्चा होने के बजाय Political बहस को जाति और धर्म की ओर मोड़ने की कोशिश की जा रही है. Samajwadi Party की प्राथमिकता विकास और समाज के सभी वर्गों के अधिकार हैं.

Mumbai में मराठी भाषा नहीं जानने वाले ऑटो और टैक्सी चालकों के खिलाफ आरटीओ की कार्रवाई को लेकर भी रईस शेख ने महायुति Government पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि Mumbai की वास्तविकता को समझने की जरूरत है. उनके मुताबिक, देश के अलग-अलग हिस्सों से आए लोग Mumbai की अर्थव्यवस्था और रोजमर्रा की जिंदगी को चलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. ऑटो-रिक्शा चालक, कार चालक, बेकरी में काम करने वाले कर्मचारी समेत अलग-अलग क्षेत्रों में काम करने वाले बड़ी संख्या में लोग दूसरे राज्यों से आकर Mumbai में रोजी-रोटी कमाते हैं. ऐसे लोगों के लिए मराठी भाषा सीखने की सुविधाएं उपलब्ध कराने पर Government को ध्यान देना चाहिए.

उन्होंने कहा कि मराठी एक प्यारी जुबान है और मेरी अपनी जुबान मराठी है. हम सब मराठी बोलना चाहते हैं. मैं खुद भी मराठी बोलता हूं. उन्होंने स्पष्ट किया कि वह मराठी भाषा सीखने या बोलने के खिलाफ नहीं हैं, बल्कि भाषा को लेकर अपनाए जा रहे कथित दबाव और कार्रवाई के तरीके पर सवाल उठा रहे हैं. Mumbai में रहने वाले लाखों प्रवासी लोगों को मराठी सीखने के लिए पर्याप्त समय और सुविधाएं दी जानी चाहिए. किसी भाषा को जबरदस्ती स्वीकार नहीं कराया जा सकता. भाषा के प्रति सम्मान और अपनापन लोगों के दिल से आता है.

उन्होंने कहा कि मराठी Maharashtra की भाषा है और देश के अलग-अलग हिस्सों से Mumbai आने वाले लोग भी इसका सम्मान करते हैं. उन्होंने कहा कि लोगों को मराठी सीखनी चाहिए, लेकिन इसके लिए Government को प्रशिक्षण और सीखने की सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ पर्याप्त समय भी देना चाहिए. भाषा के नाम पर कथित तौर पर जोर-जबरदस्ती और लाइसेंस निलंबित करने जैसी कार्रवाई Mumbai के हित में नहीं है. इस तरह के कदम शहर को आगे ले जाने के बजाय पीछे धकेल सकते हैं.

पीएसके

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