इजरायल के विपक्षी दलों की एकजुटता से सीख लेने की जरुरत : रोहन गुप्ता

Ahmedabad, 2 मार्च . अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध को लेकर India में विपक्षी दलों की ओर से हो रही प्रतिक्रिया पर भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता रोहन गुप्ता ने आपत्ति जताते हुए इन सभी दलों को इजरायल के विपक्षी दलों से सीख लेने की सलाह दी है.

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता रोहन गुप्ता ने Monday को से बातचीत में कहा कि India के विपक्षी दलों को इजरायल के विपक्षी दलों से सीखना चाहिए कि कैसे संकट के समय में देश के साथ खड़ा हुआ जाता है. इजरायल के विपक्षी दलों ने अपने आधिकारिक बयान में स्पष्ट कर दिया कि भले ही स्थानीय मुद्दों को लेकर उनका Government के साथ मतभेद हो लेकिन संकट के समय में वह Government के साथ खड़े हैं. हालांकि अफसोस की बात है कि हमारे देश में विपक्षी दलों का व्यवहार ऐसा नहीं है. अगर India के भी विपक्षी दलों का व्यवहार ऐसा होता, तो आज स्थिति ऐसी नहीं होती.

भाजपा प्रवक्ता रोहन गुप्ता ने कहा कि यह अफसोस की बात है कि हमारे देश में विपक्षी दल हमेशा हर मुद्दे को लेकर राजनीति करने में जुटे रहते हैं. वो हर मुद्दे में अपने लिए Political संभावना तलाशने की कोशिश करते हैं. यह दुख की बात है कि जब कभी देश की बात आती है, तो ये लोग राजनीति करने में जुट जाते हैं. मैं एक बात स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि इन्हें हर बार विफलता ही हाथ लगी है.

उन्होंने कहा कि अब विपक्षी दल Prime Minister Narendra Modi की इजरायल यात्रा पर सवाल उठा रहे हैं. इन लोगों को यह समझना चाहिए कि Prime Minister की कोई भी विदेश यात्रा पहले से ही तय कर ली जाती है. इस तरह की यात्राएं कोई एक-दो दिन में तय नहीं होती है. अफसोस की बात है कि हमारे विपक्षी दल इसे लेकर Political बयानबाजी करने से बाज नहीं आ रहे हैं और लगातार यह सवाल उठा रहे हैं कि आखिर Prime Minister मोदी ऐसे वक्त में इजरालय क्यों गए, जब ऐसा होना था. मुझे नहीं लगता है कि विपक्ष का इससे बड़ा ‘बचकाना व्यवहार’ कभी देखा गया है. विपक्ष को यह समझना होगा कि आतंकवाद के मोर्चे पर भारत-इजरायल एक साथ लड़ रहे हैं.

उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में विपक्ष को राजनीति करना से बचना चाहिए. अगर ऐसा ही चलता रहा, तो मुझे यह कहने में गुरेज नहीं है कि विपक्ष की बची साख भी खत्म हो जाएगी. जब राष्ट्र की सुरक्षा की बात आती है, तो हमारे विपक्षी दलों को इजरायल के विपक्षी दलों से यह सीखना चाहिए कि कैसे व्यवहार किया जाता है.

पीयूष

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