
कोलकाता, 14 अगस्त . आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, कोलकाता की एक जूनियर महिला डॉक्टर के अगस्त 2024 में हुए दुष्कर्म और हत्या मामले से जुड़ी बड़ी साजिश में कथित संलिप्तता के आरोप में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के पूर्व विधायक निर्मल घोष को Friday को एक जिला अदालत ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया.
घोष के खिलाफ मुख्य आरोप यह है कि वह उन तीन प्रमुख लोगों में शामिल थे, जिन्होंने पीड़िता के शव का पनिहाटी के एक श्मशान घाट में जल्दबाजी में अंतिम संस्कार करवाने की व्यवस्था की थी. आरोप है कि ऐसा अंतिम संस्कार से जुड़े नियमों का उल्लंघन करते हुए किया गया, ताकि दूसरे पोस्टमार्टम की संभावना खत्म की जा सके.
Thursday को पड़ोसी राज्य Odisha से गिरफ्तार किए गए घोष को Friday को बैरकपुर की जिला अदालत में पेश किया गया. इस दौरान उनके वकील ने स्वास्थ्य आधार पर जमानत की अर्जी दाखिल की.
वकील ने दलील दी कि उनके मुवक्किल की उम्र 78 वर्ष है और वह उम्र संबंधी कई बीमारियों से पीड़ित हैं. उन्हें लगातार इलाज की जरूरत है, इसलिए उन्हें जमानत दी जानी चाहिए. हालांकि, Governmentी वकील ने आरजी कर दुष्कर्म और हत्या मामले की गंभीरता का हवाला देते हुए जमानत का विरोध किया.
जिला अदालत के न्यायाधीश ने जमानत याचिका खारिज कर दी और उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया.
8 अगस्त को पनिहाटी में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने पीड़िता के शव के “सुनियोजित” और “जल्दबाजी में” किए गए अंतिम संस्कार की बैरकपुर Police आयुक्तालय से नए सिरे से जांच कराने की घोषणा की थी.
इसके बाद पीड़िता के पिता ने खड़दह थाने में नई शिकायत दर्ज कराई. शिकायत के आधार पर नई First Information Report दर्ज की गई, जिसमें निर्मल घोष, पनिहाटी नगरपालिका के स्थानीय टीएमसी पार्षद सोमनाथ डे और पीड़िता के परिवार के पड़ोसी संजीव बनर्जी को नामजद किया गया.
इसके बाद से घोष फरार थे और आखिरकार Thursday रात उन्हें Odisha से गिरफ्तार कर लिया गया. इस बीच, Police ने संजीव बनर्जी को भी गिरफ्तार कर लिया है, जबकि सोमनाथ डे अभी भी फरार हैं.
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एएमटी/पीएम