सियासी मुद्दों पर खुलकर बोलीं रेणुका चौधरी : वंदे मातरम विवाद से लेकर ‘दिमागी नक्सल’ तक रखी अपनी राय (आईएएनएस एक्सक्लूसिव)

New Delhi, 19 अगस्त . वंदे मातरम विवाद, कंगना रनौत के बयान और 2029 के आम चुनाव जैसे कई मुद्दों पर कांग्रेस की वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सदस्य रेणुका चौधरी ने के साथ विशेष बातचीत की. पेश है इंटरव्यू के प्रमुख अंश.

सवाल : 80वें स्वतंत्रता दिवस के दिन Prime Minister Narendra Modi ने लाल किले की प्राचीर से अपने संबोधन में ‘दिमागी नक्सल’ की बात कही थी. इस पर आप क्या कहेंगी?

जवाब : स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मंच से देशवासियों के बारे में ऐसी बातें करना अफसोस की बात है. एक समय था जब हम Prime Minister का भाषण सुनते थे. माएं अपने बच्चों से कहती थीं, “चुप हो जाओ, देश के Prime Minister बोल रहे हैं”. आज स्थिति इसके बिल्कुल उलट हैं.

सवाल : वंदे मातरम के गायन को लेकर जो विवाद चल रहा है, सोनिया गांधी पर जो आरोप लगे हैं, उस पर आप क्या कहेंगी?

जवाब : ये आरोपों का राज है. असली मुद्दे से ध्यान हटाने के लिए ये सब किया जा रहा है. देश के Prime Minister या किसी ने भी ये नहीं कहा कि बच्चों के साथ नाइंसाफी हुई. नीट का पेपर बार-बार लीक होता है. इन सब मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए वंदे मातरम को लेकर आरोप लगाए जा रहे हैं. सोनिया गांधी ने क्या कहा, किसी ने सुना क्या? उनका सिर्फ इशारा देखकर आरोप लगा दिए. हम जानते हैं सोनिया गांधी ने क्या कहा. तो इन लोगों को जवाब क्या दें?

सवाल : कंगना रनौत कह रही हैं कि कांग्रेस देशभक्ति और राष्ट्रगीत को लेकर Pakistan से ज्यादा जलती है. इस पर आप क्या कहेंगी?

जवाब : दरअसल कंगना को किसी ने स्क्रिप्ट लिखकर नहीं दी. किसी ने उन्हें बताया ही नहीं कि देश का इतिहास क्या है. आरएसएस के हेडक्वार्टर में कभी तिरंगा नहीं फहराया गया. उन्होंने कभी वंदे मातरम का जिक्र तक नहीं किया. अब अचानक देशभक्त बन गए हैं. जानबूझकर देश में आग लगाने के लिए अब वंदे मातरम अपना रहे हैं.

सवाल : क्या आपको लगता है कि वंदे मातरम का पूरा गीत Political से प्रेरित है?

जवाब : उस समय जो माहौल था, उस कारण से फैसला हुआ था. आज ये लोग किस कारण से कर रहे हैं, वो जानें और भगवान जाने. वैसे तो भगवान राम भी इनसे हटकर बैठे हैं.

सवाल : Union Minister एचडी कुमारस्वामी कह रहे हैं कि सोनिया गांधी ने वंदे मातरम का इसलिए अपमान किया क्योंकि उनमें इटली का खून है.

जवाब : बहुएं हमेशा बाहर की होती हैं, मगर हमें हमेशा दोषी और बाहर का कहा जाता है. इसलिए तो देश में आज भी हम अपनी दुल्हनों को जला देते हैं, ऐसे विचार वाले लोगों की वजह से. उनको बताना चाहिए कि उनका खून क्या है?

सवाल : New Delhi में आयोजित ‘रचनात्मक कांग्रेस’ के दौरान इटली की Prime Minister जॉर्जिया मेलोनी का जिक्र किया गया था. क्या आपको लगता है कि ये उचित था?

जवाब : महिला का सम्मान और अपमान हमने नहीं किया था, ये देश के Prime Minister ने किया था. एक चॉकलेट का पैकेट लेकर वहां पहुंच गए. और इंटरनेट पर खुद को देखकर बहुत खुश हो गए.

सवाल : राम मंदिर चढ़ावा मामले में एसआईटी की ओर से चंपत राय को क्लीन चिट मिल गई है. इस पर आपकी क्या राय है?

जवाब : ये तो होना ही था. हमें पहले से पता था कि यही होने वाला है. छोटे-मोटों को कुर्बान कर देंगे, चंपत राय को बचा लेंगे. सारे मंदिर अभी इसलिए बनाए जा रहे हैं ताकि चोरी की जा सके. ये भूल गए कि मर्यादा पुरुषोत्तम राम की मर्यादा से खिलवाड़ करेंगे तो ये बच नहीं पाएंगे. उनका श्राप इनको लगा है.

सवाल : जिस तरह से सदन के अंदर निशिकांत दुबे लगातार गांधी परिवार, नेहरू परिवार के खिलाफ बोलते हैं, क्या ये उचित है?

जवाब : इन सब लोगों का मापदंड Prime Minister ने तय किया है. जितना ये गांधी परिवार के खिलाफ बोलेंगे, उतना इनको अंक मिलेगा. सब तड़प रहे हैं कि कैबिनेट रिशफल होगा तो कोई मंत्री बन जाए. इसी प्रयास में ये ऐसे बोलते रहेंगे. ये जितना बोलते हैं, उतनी ही हमारी ताकत बढ़ती है.

सवाल : 2029 में क्या राहुल गांधी Prime Minister बनेंगे?

जवाब : राहुल गांधी जो भी करते हैं, देश के लिए करते हैं. Prime Minister बनने का फैसला देश करेगी.

सवाल : राहुल गांधी हमेशा कहते हैं कि अगर वे सत्ता में आए तो बहुत से लोग नहीं बचेंगे. क्या आपको लगता है कि राहुल गांधी किन लोगों पर निशाना साधते हैं?

जवाब : अगर राहुल गांधी ने ऐसा कहा है तो वो सोच-समझकर कह रहे हैं.

सवाल : आप ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के भविष्य को कैसे देखती हैं?

जवाब : एक लोकतंत्र में हम कोई हाथ-ज्योतिषी बनकर नहीं कह सकते. किसी ने सोचा था कि कोर्ट की एक टिप्पणी पर एक ‘कॉकरोच पार्टी’ बन जाएगी? यही खासियत है इस लोकतंत्र की. कब क्या होगा, जब तक लोकतंत्र जिंदा रहेगा कोई कुछ नहीं कह सकता. मैं चाहती हूं कि युवाओं की आवाज बुलंद रहे.

सवाल : ममता बनर्जी और उद्धव ठाकरे की पार्टी टूट गई. उनके सांसद या तो भाजपा में हैं या भाजपा समर्थित पार्टी में हैं. इस पर आपकी क्या राय है?

जवाब : जब किसी को डराया जाता है, एजेंसियों का इस्तेमाल किया जाता है, तो लोग डर जाते हैं. आगे ये क्या करेंगे, ये हम देखेंगे. इसका मुंहतोड़ जवाब मिलेगा.

सवाल : भाजपा में संगठनात्मक बदलाव जो हुए हैं, इस पर आपकी क्या राय है?

जवाब : ये उनका अपना आंतरिक मामला है. इस पर मैं क्या कहूं.

सवाल : स्मृति ईरानी को फिर से पार्टी संगठन में जगह मिली है. इस पर आपकी क्या राय है?

जवाब : स्मृति ईरानी वापस आई हैं, इससे मैं बहुत खुश हूं. स्मृति ईरानी टैलेंटेड थीं. बीच में उनके साथ नाइंसाफी कर उन्हें हटा दिया गया. अब वापस लाए हैं.

सवाल : Jharkhand में छात्रों की सारी बातें Government मान ली है, लेकिन छात्र अभी भी जिद पर अड़े हैं कि सीबीआई जांच हो. इस पर आपकी क्या राय है?

जवाब : मुझे पूरा उम्मीद है कि Chief Minister हेमंत सोरेन जो कदम उठाना पड़ेगा, वो उठाएंगे.

सवाल : अमेरिकी President ने चुनाव आयोग की तारीफ की. इस पर आपकी क्या राय है?

जवाब : ये बहुत अच्छी बात है. अगर President ट्रंप ने सर्टिफिकेट दिया और हम इस पर खुश हो रहे हैं. वही लोग जो हम पर टैरिफ पर टैरिफ लगाते गए, हमारा बिजनेस ठप कर गए. उनकी तारीफ से हम खुश हो जा रहे हैं. किस बात की खुशी? अमेरिका ने तो बहुत बाद में महिलाओं को वोट का अधिकार दिया था. इस देश में हमें अधिकार पहले दिन से दिया गया है. India से पश्चिमी देश काफी कुछ सीख सकते हैं.

वीकेयू/एएस

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