
jaipur, 31 मई . कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत ने बंगाल में टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले की निंदा की. उन्होंने कहा कि इस घटना ने भाजपा और संघ के चरित्र को एक्सपोज कर दिया है.
jaipur में मीडिया से बातचीत के दौरान कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत ने कहा कि वहां जब से चुनाव टीएमसी हारी है तब से वहां गुंडागर्दी चरम पर है. आरएसएस-भाजपा के चाल, चरित्र और चेहरे वाले लोग पूरी तरह एक्सपोज हो गए हैं. वहां पर गली-गली में गुंडागर्दी हो रही है, टीएमसी के कार्यालयों पर लगातार हमले हो रहे हैं, कब्जे करवाए जा रहे हैं. बंगाल के अंदर चल रही गतिविधि को पूरा देश देख रहा है तो Government क्यों चुप है. Police Government बदलते ही खुद बदल जाती है और सब जानते हैं कि सत्ता में बैठी Government की बात माननी उनकी मजबूरी होती है.
उन्होंने कहा कि मैंने पहले ही कह दिया था कि अगर भाजपा बंगाल में घुस गई तो पूरा देश निराश होगा. मैंने यह सोच-समझकर कहा था. बंगाल की अपनी अलग संस्कृति, त्याग और बलिदान की परंपरा है-सुभाष चंद्र बोस से लेकर रवींद्रनाथ टैगोर तक. भाजपा खुद नहीं घुसी बल्कि इलेक्शन कमीशन ने उसे मौका दिया है. आयोग ने वहां ढाई लाख कर्मचारी लगा दिए, जबकि पूरे देश के चुनाव में भी सिर्फ तीन लाख लगते हैं. यूपी के आईपीएस अधिकारी मोहल्लों में जाकर लोगों को धमका रहे थे जबकि उनका काम सिर्फ ऑब्जर्व करना होता है, धमकाना नहीं. चुनाव में 27 लाख लोगों को वोट देने का मौका ही नहीं मिला. इसलिए चुनाव को कुछ महीने के लिए टाल देना चाहिए था. अच्छे पत्रकार और social media पर बुद्धिजीवी भी यही कह रहे हैं. Supreme Court ने भी इस पर टिप्पणी की है. एक भी नागरिक का वोट छीनना गलत है. वोट देने का अधिकार किसी को भी नहीं छीनना चाहिए.
गहलोत ने कहा कि देश की स्थिति अब बहुत खराब हो गई है. केंद्र Government और राज्य Government खुद को डबल इंजन की Government कहती हैं लेकिन बंगाल में वो डबल इंजन लोगों पर डबल मार के रूप में पड़ रहा है. पीएम मोदी ने कहा कि डबल इंजन की Government बनेगी तो विकास होगा लेकिन वही डबल इंजन आज गुंडागर्दी और दमन के लिए इस्तेमाल हो रहा है. पूरे देश के लोगों खासकर युवा पीढ़ी को यह समझना बहुत जरूरी है कि देश किस दिशा में जा रहा है और हमें कैसी विचारधारा अपनानी चाहिए.
उन्होंने कहा कि क्या देश आज उसी भावना से चल रहा है, जिसकी बात बाबासाहेब अंबेडकर और गांधीजी ने संविधान बनाते समय कही थी. ऐसी कई बातें हैं जो हमें सोचनी चाहिए. अगर युवा पीढ़ी आगे नहीं आएगी तो कौन आएगा. मैं अपने अनुभव से कहता हूं कि अब वक्त आ गया है कि छात्र और युवा राजनीति में सक्रिय रूप से आएं. चाहे वे किसी भी पार्टी में जाएं, यह उनकी मर्जी है लेकिन कम से कम उन्हें यह सोचना और समझना जरूरी है कि देश की सही विचारधारा क्या होनी चाहिए. युवा और छात्रों को विचारधारा के आधार पर चिंतन-मनन करना चाहिए.
–
डीकेएम/पीएम