
New Delhi, 29 जून . कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने Monday को संसद भवन में राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ ग्रहण की. वे कर्नाटक से पुनर्निर्वाचित होकर संसद के उच्च सदन में पहुंचे हैं. India के उपPresident एवं राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन ने उन्हें पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई. ल्लिकार्जुन खड़गे के शपथ ग्रहण के दौरान कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी, राज्यसभा में सदन के नेता जेपी नड्डा, राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू, Union Minister अर्जुन राम मेघवाल, कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा तथा कई वरिष्ठ नेता और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे.
मल्लिकार्जुन खड़गे वर्तमान में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष होने के साथ-साथ राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष की भी जिम्मेदारी निभा रहे हैं. हाल ही में कर्नाटक से निर्विरोध पुनर्निर्वाचित होने के बाद यह उनका नया कार्यकाल है, जिससे वे उच्च सदन में विपक्ष का नेतृत्व जारी रखेंगे. Monday को राज्यसभा सांसद के तौर पर शपथ ग्रहण के बाद मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, उन्हें एक बार फिर राज्यसभा के सदस्य के रूप में शपथ लेने का अवसर मिला है. उन्होंने इसे अपने लिए गर्व और बड़ी जिम्मेदारी का विषय बताते हुए कहा कि वे नेता प्रतिपक्ष के रूप में उच्च सदन में जनता की आवाज बुलंद करने के अपने दायित्व का पूरी निष्ठा से निर्वहन करेंगे.
उन्होंने उपPresident एवं राज्यसभा के सभापति सी. पी. राधाकृष्णन तथा उपसभापति हरिवंश के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उनके सहयोग के लिए धन्यवाद दिया. इस अवसर पर मल्लिकार्जुन खड़गे ने कांग्रेस नेतृत्व विशेष रूप से सोनिया गांधी और Lok Sabha में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस के सांसदों, पार्टी कार्यकर्ताओं तथा समर्थकों का भी आभार व्यक्त किया. उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन और संसदीय सेवा की उनकी लंबी यात्रा में सभी का विश्वास और समर्थन उनकी सबसे बड़ी शक्ति रहा है.
उन्होंने विभिन्न Political दलों के फ्लोर नेताओं विशेषकर इंडिया गठबंधन और व्यापक विपक्ष के सहयोग के लिए भी धन्यवाद दिया. उन्होंने विश्वास जताया कि आगामी मानसून सत्र में विपक्ष पहले से अधिक समन्वय के साथ कार्य करेगा और Government को जनता के प्रति अधिक जवाबदेह बनाने का प्रयास करेगा. मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि विपक्ष का सबसे बड़ा दायित्व देश की जनता की समस्याओं, आकांक्षाओं और आवाज को पूरी ईमानदारी, दृढ़ता और प्रतिबद्धता के साथ संसद में उठाना है.
उन्होंने आश्वस्त किया कि वे इस जिम्मेदारी का पूरी निष्ठा के साथ निर्वहन करते रहेंगे. अपने संदेश का समापन उन्होंने जय बापू, जय भीम, जय संविधान जय हिंद के साथ किया. गौरतलब है कि इस से पहले बीते सप्ताह 25 जून को राज्यसभा सभापति सी. पी. राधाकृष्णन ने नवनिर्वाचित और पुनर्निर्वाचित 10 सदस्यों को राज्यसभा सदन में शपथ एवं प्रतिज्ञान दिलाया था. विभिन्न राज्यों के सांसद कई सांसदों ने अपनी मातृभाषा में यह शपथ ली थी. जिन सांसदों ने 25 जून को राज्यसभा के सदस्य के तौर पर शपथ ली है उनमें प्रवीण चक्रवर्ती, देबाशीष सामंतराय, सना सतीश बाबू, विजय चिंतकायाला, भाष्यम राम कृष्ण, लिंगामनेनी रमेश, राजेश परमानंद शुक्ला, बैद्यनाथ राम, परिमल नथवानी और ताई टागाक शामिल रहे.
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जीसीबी/पीएम