
New Delhi, 15 अप्रैल . पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने Wednesday को बताया कि सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों की औसत ऑटो एलपीजी बिक्री इस साल अप्रैल में बढ़कर 282 मीट्रिक टन प्रतिदिन हो गई है, जो फरवरी में 177 मीट्रिक टन प्रतिदिन थी. ऐसा इसलिए हुआ है क्योंकि घरेलू क्षेत्र के साथ-साथ परिवहन क्षेत्र के लिए भी आपूर्ति बनाए रखी जा रही है.
इस साल 14 मार्च से अब तक कुल 1,34,226 मीट्रिक टन कमर्शियल एलपीजी बेची गई है, जिसमें 8000 मीट्रिक टन से ज्यादा ऑटो एलपीजी शामिल है.
23 मार्च से अब तक 14.6 लाख से ज्यादा 5-किलो वाले फ्री ट्रेड एलपीजी सिलेंडर बेचे गए हैं, जिनका इस्तेमाल मुख्य रूप से प्रवासी मजदूर करते हैं.
आईओसीएल, एचपीसीएल और बीपीसीएल के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर्स की तीन-सदस्यीय समिति, कमर्शियल एलपीजी वितरण की योजना बनाने के लिए राज्य के अधिकारियों और उद्योग निकायों के साथ समन्वय कर रही है.
मार्च 2026 से अब तक, लगभग 4.5 लाख पीएनजी कनेक्शनों में गैस सप्लाई शुरू हो चुकी है और लगभग 5 लाख और ग्राहकों ने नए कनेक्शनों के लिए रजिस्ट्रेशन करवाया है. 34,200 से ज्यादा पीएनजी ग्राहकों ने अपने एलपीजी कनेक्शन भी सरेंडर कर दिए हैं, क्योंकि Government ग्राहकों को नैचुरल गैस पर शिफ्ट होने के लिए बढ़ावा दे रही है. ऐसा इसलिए किया जा रहा है क्योंकि मिडिल ईस्ट में चल रहे विवाद की वजह से एलपीजी के इंपोर्ट पर असर पड़ा है.
एलपीजी की जमाखोरी और कालाबाजारी को रोकने के लिए पूरे देश में सख्त कार्रवाई जारी है. Tuesday को पूरे देश में 2,100 से ज्यादा जगहों पर छापे मारे गए और लगभग 450 सिलेंडर जब्त किए गए. Governmentी तेल मार्केटिंग कंपनियों ने अचानक होने वाले इंस्पेक्शन को और तेज कर दिया है. अब तक, उन्होंने 237 एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटरशिप पर जुर्माना लगाया है और 58 एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटरशिप को सस्पेंड कर दिया है.
मौजूदा भू-Political हालात के बावजूद, Government ने घरेलू एलपीजी और पीएनजी की सप्लाई को प्राथमिकता दी है, खासकर अस्पतालों और शिक्षण संस्थानों के लिए.
नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की घबराहट में खरीदारी न करें और जानकारी के लिए सिर्फ आधिकारिक स्रोतों पर ही भरोसा करें. एलपीजी उपभोक्ताओं से अनुरोध है कि वे डिजिटल बुकिंग प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करें और वितरकों के पास जाने से बचें.
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एमएस/