रंजीत कुमार दास का स्पीकर चुना जाना भाजपा कार्यकर्ताओं के लिए गर्व का क्षण: सीएम हिमंता सरमा

गुवाहाटी, 21 मई . असम के Chief Minister हिमंता बिस्वा सरमा ने Thursday को कहा कि वरिष्ठ भाजपा नेता रंजीत कुमार दास को असम विधानसभा का अध्यक्ष बनाया जाना, भारतीय जनता पार्टी के लाखों जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं के लिए गर्व की बात है.

दास के स्पीकर का पदभार संभालने के बाद विधानसभा में बोलते हुए सीएम सरमा ने भाजपा के अनुभवी नेता की Political यात्रा को याद किया और उनके आत्मविश्वास, अनुभव और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता की सराहना की.

Chief Minister ने कहा कि जब दास को सरभोग विधानसभा क्षेत्र से चुनावी मैदान में उतारा गया था तो इस चुनाव को आसान मुकाबला नहीं माना जा रहा था और हर दिन नई Political चुनौतियां सामने आ रही थीं.

उन्होंने स्वीकार किया कि अगर दास चुनाव हार जाते, तो उन्हें नैतिक जिम्मेदारी लेने का डर था क्योंकि उन्हें एक अपेक्षाकृत आसान क्षेत्र से हटाकर एक ज्यादा चुनौतीपूर्ण सीट पर भेजा गया था. हालांकि, सरमा ने कहा कि दास पूरे चुनाव प्रचार के दौरान आत्मविश्वास से भरे रहे और उन्होंने बार-बार उन्हें भरोसा दिलाया कि social media पर चल रही अटकलों और Political चर्चाओं के विपरीत, वे भारी अंतर से जीत हासिल करेंगे.

सीएम सरमा ने कहा कि हमारी अपनी पार्टी के नेताओं सहित कई लोग अक्सर पूछते थे कि क्या रंजीत कुमार दास चुनाव हार जाएंगे. हम दोनों को हमेशा पूरा यकीन था कि वे आसानी से जीत जाएंगे.

Chief Minister ने कहा कि दास का आत्मविश्वास आखिरकार चुनावी नतीजों में भी दिखाई दिया, जब 2026 के विधानसभा चुनावों में वे सरभोग से भारी अंतर से दोबारा चुने गए.

उन्होंने कहा कि दास का स्पीकर बनना केवल एक व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि लाखों भाजपा कार्यकर्ताओं के लिए खुशी का पल है, जो साधारण परिवारों से आते हैं और पार्टी के लिए जमीनी स्तर पर अथक परिश्रम करते हैं.

सीएम ने विश्वास व्यक्त किया कि दास का लंबा Political अनुभव, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) में उनकी संगठनात्मक पृष्ठभूमि और संसदीय परंपराओं की उनकी गहरी समझ उन्हें एक सफल और सम्मानित स्पीकर के रूप में उभरने में मदद करेगी.

इसके साथ ही, सीएम सरमा ने दास से आग्रह किया कि वे सदन की कार्यवाही का संचालन करते समय निष्पक्षता बनाए रखें.

उन्होंने कहा कि हम एक ऐसे स्पीकर चाहते हैं जो निष्पक्ष हों, जो विपक्ष को बोलने का मौका दें, और जो पार्टी के हितों से ऊपर देश और असम के हितों को प्राथमिकता दें.

भाजपा के वैचारिक सिद्धांतों का जिक्र करते हुए, सीएम सरमा ने कहा कि पार्टी ‘राष्ट्र प्रथम, पार्टी अंतिम’ के सिद्धांत में विश्वास रखती है और दास को इसी दर्शन के आधार पर सदन का संचालन करना चाहिए.

Chief Minister ने यह भी कहा कि जहां एक स्पीकर को सदन के भीतर Political रूप से निष्पक्ष रहना चाहिए, वहीं दास लोगों के चुने हुए प्रतिनिधि के तौर पर विधानसभा के बाहर एक महत्वपूर्ण Political हस्ती बने रहेंगे.

डीकेएम/पीएम

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