
Patna, 7 मार्च . बिहार Government में मंत्री और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता रामकृपाल यादव ने तृणमूल कांग्रेस के सांसद कल्याण बनर्जी के विवादित बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि टीएमसी संविधान में विश्वास नहीं करती है. इस बार बंगाल की जनता टीएमसी को उसकी हैसियत बता देगी.
रामकृपाल यादव ने तृणमूल कांग्रेस के सांसद कल्याण बनर्जी के उस विवादित बयान पर भी प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने कहा, “अगर मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार संवैधानिक पद पर नहीं होते तो वह उनकी उंगली काट देते.”
समाचार एजेंसी से बात करते हुए रामकृपाल यादव ने कहा, “टीएमसी संविधान में विश्वास नहीं करती और संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों के खिलाफ ऐसी बातें करती है. ‘उंगलियां काट देंगे’ और गर्दन काट देंगे, क्या लोकतंत्र में इस तरह की भाषा की इजाजत है? इस बार बंगाल की जनता टीएमसी को उसकी हैसियत बता देगी.”
उन्होंने पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी के एसआईआर के खिलाफ प्रदर्शन पर कहा, “एसआईआर एक संवैधानिक प्रक्रिया है. एसआईआर के माध्यम से संवैधानिक पद पर बैठे लोग अपने दायित्वों का निर्वहन करें.
अवैध घुसपैठियों के बल पर वोट बैंक बनाकर वहां की Government अगर चाहती है कि सत्ता की प्राप्ति कर लें, तो ऐसा तो नहीं होगा. कानून सबके लिए है. अगर किसी को परेशानी हो रही है, बंगाल की Government और Chief Minister ममता बनर्जी को, तो उस पर कुछ नहीं कहा जा सकता.”
इसी बीच, Lok Sabha स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर बिहार के मंत्री रामकृपाल यादव ने कहा, “कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों की ओर से स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव देना दुर्भाग्यपूर्ण है. जहां तक मुझे पता है, स्पीकर को Lok Sabha में लंबे समय तक रहने का मौका मिला है. वे पूरी निष्पक्षता से कार्यवाही करते हैं और सबकी सुनते हैं, चाहे वे सत्ता पक्ष के हों या विपक्ष के. वे कोई भेदभाव नहीं करते हैं और अपने संवैधानिक दायित्वों का निर्वहन लगातार करते रहे हैं.”
रामकृपाल यादव ने कहा, “विपक्षी नेताओं के मन में स्पीकर के प्रति आदर नहीं है तो यह दुर्भाग्यपूर्ण सोच है. घटिया सोच के साथ विपक्ष संवैधानिक पद पर बैठे स्पीकर को कटघरे में खड़ा करके देश-दुनिया के सामने चेहरा चमकाना चाहता है तो बता दूं कि उसका चेहरा चमकने वाला नहीं है.”
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डीसीएच/