
Lucknow, 13 मार्च . रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने Friday को Chief Minister योगी आदित्यनाथ के साथ Lucknow में ग्रीन कॉरिडोर परियोजना का लोकार्पण कर इसे जनता को समर्पित किया. उन्होंने कहा कि यह परियोजना शहर की यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण और समेकित शहरी विकास का महत्वपूर्ण उदाहरण बनेगी. लोकार्पण समारोह शहर के झूलेलाल में आयोजित किया गया, जिसमें प्रदेश Government के कई मंत्री, जनप्रतिनिधि और भाजपा पदाधिकारी मौजूद रहे.
इस अवसर पर रक्षा मंत्री ने कहा कि डालीगंज पुल से समतामूलक चौक तक करीब सात किलोमीटर लंबाई वाले ग्रीन कॉरिडोर को आज Lucknow की जनता को समर्पित किया जा रहा है. इसके शुरू होने से लगभग 15 लाख की आबादी को सीधा लाभ मिलेगा और शहर में यातायात व्यवस्था अधिक सुगम होगी. रक्षा मंत्री ने कहा कि इस परियोजना की विशेषता यह है कि इसमें सिविल और डिफेंस सेक्टर दोनों ने मिलकर काम किया है. परियोजना में रक्षा भूमि का भी प्रभावी उपयोग किया गया है और भूमि आवंटन से जुड़ी चुनौतियों के बावजूद रक्षा विभाग ने पूरा सहयोग दिया.
उन्होंने कहा कि जब सिविल और डिफेंस सेक्टर आपसी तालमेल से काम करते हैं तो विकास की गति कई गुना बढ़ जाती है और यह परियोजना उसका उदाहरण है. उन्होंने बताया कि ग्रीन कॉरिडोर के अगले चरण में समतामूलक चौक से शहीद पथ तक लगभग 10 किलोमीटर तक इसका विस्तार किया जाएगा. यह कॉरिडोर शहीद पथ और किसान पथ जैसे रिंग रोड को आपस में जोड़ेगा, जिससे शहर में जाम की समस्या कम होगी और लोगों का यात्रा समय भी बचेगा.
राजनाथ सिंह ने कहा कि यह परियोजना पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखकर तैयार की गई है. निर्माण कार्य के दौरान यदि कोई पेड़ बाधा बना तो उसे काटने के बजाय सावधानीपूर्वक दूसरी जगह प्रत्यारोपित किया गया.
उन्होंने बताया कि करीब डेढ़ सौ से अधिक पेड़ों को एक स्थान से दूसरे स्थान पर स्थानांतरित किया गया है. उन्होंने कहा कि प्रदेश में विकास के साथ-साथ स्वच्छता पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है. घर-घर से कचरा संग्रहण की व्यवस्था लागू की गई है, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं.
उन्होंने बताया कि स्वच्छ सर्वेक्षण 2025 में मिलियन प्लस शहरों की श्रेणी में Lucknow को देश में तीसरा स्थान प्राप्त हुआ है. रक्षा मंत्री ने कहा कि शहर के समग्र और वैज्ञानिक विकास के लिए स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर और Lucknow डेवलपमेंट अथॉरिटी के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) किया जा रहा है. इसका उद्देश्य Lucknow के विकास का दीर्घकालिक मास्टरप्लान तैयार करना है, जिससे शहर का विकास सुनियोजित और संतुलित तरीके से हो सके.
उन्होंने कहा कि Lucknow में बुनियादी ढांचे के विकास के साथ-साथ नागरिक सुविधाओं पर भी ध्यान दिया जा रहा है. शहर के पार्कों में ओपन जिम लगाए गए हैं ताकि बुजुर्ग और महिलाएं टहलने के साथ-साथ व्यायाम भी कर सकें. इसके अलावा, स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए किंग जार्ज मेडिकल विश्वविद्यालय परिसर में मरीजों और उनके परिजनों के लिए विश्राम सदन जैसी सुविधाएं विकसित की गई हैं.
रक्षा मंत्री ने कहा कि Lucknow देश की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है. उन्होंने बताया कि शहर में ब्रह्मोस एयरोस्पेस की इंटीग्रेशन और टेस्टिंग सुविधा स्थापित की गई है, जिससे युवाओं को तकनीकी क्षेत्र में नए अवसर मिल रहे हैं और ‘मेक इन इंडिया’ को मजबूती मिल रही है.
उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में डिफेंस कॉरिडोर की स्थापना और सरोजिनी नगर क्षेत्र में अशोक लीलैंड के इलेक्ट्रिक वाहन संयंत्र के शुरू होने से रोजगार के नए अवसर पैदा हुए हैं. इसके साथ ही मेट्रो विस्तार, रिंग रोड और फ्लाईओवर जैसी परियोजनाओं से Lucknow का बुनियादी ढांचा तेजी से मजबूत हुआ है.
राजनाथ सिंह ने कहा कि Lucknow की तहजीब और संस्कृति की पहचान पूरी दुनिया में है और अब शहर के विकास की चर्चा भी वैश्विक स्तर पर हो रही है. उन्होंने कहा कि यूनेस्को द्वारा Lucknow को ‘क्रिएटिव सिटी ऑफ गैस्ट्रोनॉमी’ की सूची में शामिल किया जाना शहर की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और खान-पान की परंपरा का सम्मान है.
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विकेटी/एमएस