
jaipur, 2 मार्च . भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की Rajasthan इकाई ने Monday को राज्य पदाधिकारियों की नियुक्ति के बाद अपनी 154 सदस्यीय राज्य कार्य समिति की घोषणा की.
इस समिति में 12 स्थायी आमंत्रित सदस्य शामिल हैं और राज्य भर के कई प्रमुख नेता भी हैं.
दरअसल, तीन ऐसे नेताओं को नई कार्यकारी समिति में शामिल किया गया है, जो पहले कांग्रेस से जुड़े थे और बाद में भाजपा में शामिल हो गए थे.
इस घोषणा को राज्य में भाजपा द्वारा संगठनात्मक विस्तार की दिशा में एक कदम के रूप में देखा जा रहा है.
पिछली अशोक गहलोत के नेतृत्व वाली राज्य Government में मंत्री रह चुके लालचंद कटारिया को jaipur शहर से विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में नामित किया गया है. jaipur की पूर्व महापौर ज्योति खंडेलवाल को स्टेट वर्किंग कमेटी (राज्य कार्यकारी समिति) के सदस्य के रूप में शामिल किया गया है.
धौलपुर के पूर्व विधायक गिरराज सिंह मलिंगा को भी समिति का सदस्य बनाया गया है. उन पर पहले एक सहायक अभियंता और एक कनिष्ठ अभियंता पर हमले से संबंधित आरोप लग चुके हैं.
इस समिति में Chief Minister भजनलाल शर्मा, पूर्व Chief Minister वसुंधरा राजे, भाजपा के राज्यसभा सांसद और Union Minister रवनीत सिंह बिट्टू के साथ-साथ अन्य Union Minister, पूर्व राज्य अध्यक्ष और पूर्व विपक्ष के नेता राजेंद्र राठौर शामिल हैं. समिति में कुल 20 महिला नेताओं को भी प्रतिनिधित्व दिया गया है.
भाजपा ने प्रत्येक जिले से प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करके क्षेत्रीय संतुलन भी बनाए रखा है. काफी लंबे अंतराल के बाद, राज्य स्तर पर ऐसे नेताओं को शामिल किया गया है, जो पहले कांग्रेस से जुड़े थे.
राज्य कार्यकारी समिति पार्टी संगठन के विस्तार और सुदृढ़ीकरण में तथा राज्य से संबंधित महत्वपूर्ण प्रस्तावों को पारित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है.
पार्टी के मानदंडों के मुताबिक, नीतियों और प्रक्रियाओं पर निर्णय लेने के लिए प्रतिवर्ष कम से कम एक राज्य कार्य समिति की बैठक आयोजित की जानी चाहिए.
इस घोषणा के बाद नवगठित समिति की पहली बैठक जल्द ही होने की उम्मीद है. वर्तमान में राज्य में भाजपा के 44 संगठनात्मक जिले हैं, यह संरचना तब बनी थी जब राज्य में 33 प्रशासनिक जिले थे.
Rajasthan में आठ नए जिलों के गठन के बाद अब 41 प्रशासनिक जिले हो गए हैं, ऐसे में आगामी बैठक में पार्टी संगठन के पुनर्गठन और विस्तार को मंजूरी दी जा सकती है. यह घोषणा Rajasthan भर में अपने संगठनात्मक नेटवर्क को मजबूत करने के भाजपा के प्रयासों में एक महत्वपूर्ण कदम है.
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एएसएच/एबीएम