
jaipur, 15 जून . भ्रष्टाचार विरोधी ब्यूरो (एसीबी) मुख्यालय के निर्देशों पर कार्रवाई करते हुए बूंदी स्थित एसीबी इकाई ने Monday को एक ग्राम विकास अधिकारी (वीडीओ) को 50,000 रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया.
एसीबी के महानिदेशक गोविंद गुप्ता के अनुसार, आरोपी मुकेश कुमार बूंदी जिले के गेंडोली Police थाना क्षेत्र के जयस्थल गांव के निवासी हैं और वर्तमान में बूंदी पंचायत समिति के अंतर्गत गरदादा ग्राम पंचायत में ग्राम विकास अधिकारी के पद पर तैनात हैं.
उन पर एक सार्वजनिक जल स्रोत (पंगहट) निर्माण परियोजना से संबंधित भुगतान प्रक्रिया के लिए रिश्वत मांगने का आरोप है.
एसीबी को मिली शिकायत में आरोप लगाया गया था कि आरोपी शिकायतकर्ता को परेशान कर रहा था और गरदादा ग्राम पंचायत में शिकायतकर्ता की फर्म, तारू एंड कंपनी द्वारा किए गए निर्माण कार्य के लिए भुगतान जारी करने के बदले लगभग 4.50 लाख रुपए की मांग कर रहा था.
शिकायत की पुष्टि के बाद, एसीबी कोटा रेंज के उप महानिरीक्षक ओमप्रकाश मीना की देखरेख में एक जाल बिछाकर छापेमारी की गई.
इस अभियान का नेतृत्व एसीबी बूंदी के Police उप अधीक्षक प्रेमचंद ने किया.
इस अभियान के दौरान आरोपी को शिकायतकर्ता से कथित तौर पर मांगी गई रिश्वत की राशि के रूप में 50,000 रुपए लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया.
आरोपी ने अपने किराए के मकान के बाहर पैसे लिए और पहले उन्हें अपनी की जेब में रख लिया.
हालांकि, एसीबी टीम को आते देख उसने अपनी जेब से नकदी निकालकर सड़क पर फेंक दी, जो सबूत मिटाने का एक स्पष्ट प्रयास प्रतीत होता है.
आरोपी को हिरासत में ले लिया गया है और अतिरिक्त महानिदेशक, एसीबी, स्मिता श्रीवास्तव और महानिरीक्षक, एसीबी, एस. परिमाला की देखरेख में पूछताछ और अन्य कानूनी औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं.
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया जा रहा है और आगे की जांच जारी है.
भ्रष्टाचार विरोधी ब्यूरो ने नागरिकों से अपील की है कि वे भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में सक्रिय रूप से सहयोग करें और घटनाओं की रिपोर्ट 24×7 टोल-फ्री हेल्पलाइन 1064 या व्हाट्सएप हेल्पलाइन 9413502834 के माध्यम से करें.
ब्यूरो ने आश्वासन दिया है कि नागरिकों के वैध कार्यों को भ्रष्टाचार मुक्त तरीके से संपन्न कराने में पूर्ण सहायता प्रदान की जाएगी.
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एमएस/