
New Delhi, 10 दिसंबर . संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान Lok Sabha में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की ओर से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर उठाए गए सवाल पर भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने जोरदार पलटवार किया है. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी इटली का चश्मा हटाएं, फिर देशभक्ति और राष्ट्रप्रथम समझेंगे.
New Delhi में से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने संघ के बारे में जो कहा है, वह दुर्भाग्यपूर्ण है. जो लोग Pakistan की धुन पर नाचते हैं, आतंकवादियों का महिमामंडन करते हैं और हमारे सुरक्षा बलों और India के बहादुर सैनिकों का अपमान करते हैं, गांधी-नेहरू परिवार का यह अनुभवहीन, अक्षम और भ्रष्ट ‘राजकुमार’ और उसका समूह, संघ कार्यकर्ताओं के देशभक्ति के प्रति समर्पण, बलिदान और आजीवन प्रतिबद्धता को नहीं समझ सकता. पहले ‘इटैलियन चश्मा’ हटाओ, तब तुम देशभक्ति और ‘राष्ट्र पहले’ के सिद्धांत को समझ पाओगे.
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी बासी कढ़ी में उबाल दे रहे हैं, जबकि सर्वदलीय जांच में एवं न्याय प्रक्रिया में भी स्पष्ट हो चुका है कि ईवीएम प्रणाली न्यायसंगत, वैज्ञानिक है. वह अपनी 95 हार की कुंठा, हताशा, निराशा के कारण अपने पाप कर्मों पर समीक्षा एवं आत्मचिंतन करने के बजाय, हार का ठीकरा ईवीएम एवं चुनाव आयोग पर फोड़ रहे हैं. सच तो यह है कि राहुल गांधी बार-बार आईना साफ कर रहे हैं. लेकिन कालिख तो कांग्रेस व गांधी-नेहरू परिवार के चेहरे पर लगी है. आईना साफ करने से चेहरा साफ होने वाला नहीं है. उन्हें आत्मचिंतन करना होगा.
कांग्रेस नेता मनीष तिवारी के बयान पर चुघ ने कहा कि अगर परामर्श देना ही चाहते हैं तो मेरा निवेदन है कि पहले राहुल गांधी के ‘खटाखट मॉडल’ से खस्ता हाल हो चुकी कांग्रेस पार्टी को सलाह दें. उनके शासित राज्यों की हालत देख लें. स्थिति बेहद खराब हो चुकी है. Himachal Pradesh में कांग्रेस की Government है और वहां कर्ज-जीडीपी अनुपात 40 प्रतिशत से ज्यादा हो गया है. कर्नाटक में 25 प्रतिशत से अधिक, तेलंगाना में 27 प्रतिशत से ज्यादा और पंजाब में तो 47 प्रतिशत तक पहुंच गया है. पंजाब सहित देश भर में कांग्रेस पार्टी इसी ‘खटाखट मॉडल’ की वजह से लगातार पीछे जा रही है.
चुघ ने पंजाब की भगवंत मान Government पर हमला बोलते हुए कहा कि मान Government सिर्फ सुर्खियां बटोरने का काम कर रही है. पंजाब की बेटियां खुद को असुरक्षित महसूस कर रही हैं. अमृतसर में 16 साल की एक बालिका के साथ दुष्कर्म जैसी जघन्य घटना होती है. हकीकत यह है कि पंजाब में कानून-व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं बची है. जगह-जगह बम धमाके हो रहे हैं, टारगेट किलिंग हो रही है, अपराधी खुलेआम घूम रहे हैं और Government कागजों पर चल रही है.
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डीकेएम/एबीएम