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Thursday, 29 October 2026
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यूपी: मुजफ्फरनगर बंधुआ मजदूरी मामले पर भड़के राहुल-प्रियंका, सरकार पर साधा निशाना

यूपी: मुजफ्फरनगर बंधुआ मजदूरी मामले पर भड़के राहुल-प्रियंका, Government पर साधा निशाना

New Delhi, 24 जून . उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में एक फैक्ट्री से मुक्त कराए गए 12 बंधुआ मजदूरों के उत्पीड़न को लेकर Lok Sabha में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने केंद्र और राज्य Government पर निशाना साधा है. कांग्रेस नेताओं ने इसके लिए केंद्र और राज्य की आर्थिक व श्रम नीतियों पर गंभीर सवाल उठाए हैं.

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने social media प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा कि मुजफ्फरनगर में मजदूरों की बंधुआ मजदूरी का मामला बेहद चौंकाने वाला है. बिना मजदूरी दिए काम करवाने के अलावा, मजदूरों को कुत्तों से कटवाया गया, भाले से गोदा गया, कोड़े मारे गए, और उन्हें मवेशियों का चारा खिलाया गया. यह इंसानी गरिमा पर हमला है – पीड़ितों को न्याय के साथ पुनर्वास और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए.

उन्होंने कहा कि साथ ही हमें यह भी पूछना जरूरी है कि मजदूर ऐसी खतरनाक परिस्थितियों में किन मजबूरियों में फंस जाते हैं. जब रोजगार खत्म हो जाते हैं, आमदनी ठहर जाती है, और सबसे कमजोर वर्गों के लिए बने मनरेगा और श्रम कानूनों जैसी सुरक्षाएं कमजोर कर दी जाती हैं, तो हताशा बढ़ती जाती है. जिन लोगों के पास कोई और विकल्प या सुरक्षा नहीं होती, वो ऐसे शोषण का आसान शिकार बन जाते हैं. यह कोई आम आपराधिक घटना नहीं है – यह एक धराशाई हुई अर्थव्यवस्था का मलबा है.

वहीं, कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने कहा कि उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में बंधुआ मजदूरी का ऐसा दिल दहलाने वाला मामला सामने आया है जो किसी भी सभ्य समाज में स्वीकार नहीं किया जा सकता. खबरों के मुताबिक, मजदूरों को बंधक बनाकर रखा गया था. उन्हें मेहनताना देने की जगह भयानक यातनाएं दी जाती थीं. सूखी रोटी और मवेशियों का चारा खिलाया जाता था. धारदार हथियारों और कोड़े से मारा जाता था. कुत्तों से कटवाया जाता था.

प्रियंका ने कहा कि यह सिर्फ कुछ व्यक्तियों पर क्रूरता नहीं, बल्कि मानवीय गरिमा पर और हमारे संविधान पर हमला है. मामले में सख्त कार्रवाई होनी चाहिए और दोषियों को ऐसी सजा मिलनी चाहिए जो नजीर बने.

इससे पहले मुजफ्फरनगर Police ने जानकारी देते हुए बताया कि 22 जून को Police अधीक्षक ग्रामीण के नेतृत्व में थाना तितावी Police व एसओजी देहात द्वारा थानाक्षेत्र तितावी स्थित ग्राम मांडी में एक फैक्ट्री में कैद 12 श्रमिकों को मुक्त कराया गया था. मुक्त कराए गए सभी श्रमिक बिहार, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, Haryana एवं Rajasthan राज्यों के निवासी थे तथा कुछ नाबालिग भी थे जो विगत डेढ़ से दो साल तक फैक्ट्री में बंद थे. विभिन्न राज्यों से आए इन श्रमिकों को रेलवे स्टेशन से नौकरी, वेतन, भोजन व रहने की सुविधा का प्रलोभन देकर फैक्ट्री में लाया जाता था, नौकरी और अच्छे वेतन का सपना दिखाकर बंधुआ मजदूर बनाया गया, दिन में एक बार सूखी रोटी देकर 24 घंटे काम कराया जाता था, वेतन मांगने एवं बाहर जाने की बात पर नुकीले डंडों से मारपीट की जाती थी, मोबाइल को जब्त कर लिया गया था तथा पिटबुल डॉग से डराया जाता था. मारपीट के लिए फैक्ट्री संचालक अंकित बालियान द्वारा एक विशेष व्यक्ति शिवा त्यागी को नौकरी पर रखा गया था.

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एमएस/

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