
लुधियाना, 22 जून . राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने Monday को अप्रैल में आम आदमी पार्टी छोड़ने के बाद पहली बार पंजाब का दौरा किया और लुधियाना में भाजपा की एक अहम बैठक में शामिल हुए. भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की अध्यक्षता में हुई इस बैठक का मकसद 2027 के विधानसभा चुनावों के लिए रणनीति बनाना था.
राघव चड्ढा इस बैठक में एक अन्य सांसद राजिंदर गुप्ता के साथ शामिल हुए, जिन्होंने पिछले दिनों आप छोड़कर भाजपा का दामन थामा था.
बैठक में उनकी मौजूदगी को एक अहम Political घटनाक्रम के तौर पर देखा जा रहा है. इसके संकेत मिल रहे हैं कि चुनावों से पहले उन्हें संगठन में कोई अहम जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है.
पार्टी सूत्रों के मुताबिक, भाजपा प्रमुख नितिन नवीन ने बैठक में मौजूद नेताओं और सांसदों से जमीनी स्तर पर काम करने को कहा. बैठक में शामिल एक वरिष्ठ भाजपा नेता ने नाम न बताने की शर्त पर को बताया, “2027 के चुनावों को ध्यान में रखते हुए, उन्होंने साफ किया कि हाल ही में शामिल हुए सांसदों को संगठन के भीतर चुनाव से जुड़ी अहम जिम्मेदारियां सौंपी जा सकती हैं.”
राघव चड्ढा और राजिंदर गुप्ता के अलावा आप के पांच अन्य राज्यसभा सदस्यों संदीप पाठक, अशोक मित्तल, क्रिकेटर हरभजन सिंह, स्वाति मालीवाल और विक्रमजीत साहनी ने भी अप्रैल में आप छोड़ने और भाजपा में शामिल होने का ऐलान किया था.
स्वाति मालीवाल को छोड़कर बाकी छह सांसद उच्च सदन (राज्यसभा) में पंजाब का प्रतिनिधित्व करते हैं.
आप छोड़ने के बाद राघव चड्ढा ने social media पर अपने फैसले की वजहें बताईं. उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी का माहौल जहरीला हो गया था. साथ ही, उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने से उन्हें उन मुद्दों पर बेहतर ढंग से काम करने में मदद मिलेगी जिनका वे समर्थन करते हैं.
चूंकि आप के 10 में से सात राज्यसभा सांसदों ने एक साथ पार्टी छोड़ी (जो कुल संख्या का दो-तिहाई है), इसलिए संविधान की दसवीं अनुसूची (जिसे आमतौर पर दलबदल विरोधी कानून कहा जाता है) के तहत उनमें से किसी को भी अयोग्य नहीं ठहराया गया.
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एएमटी/पीएम