
Mumbai , 15 मई . Mumbai के पायधुनी इलाके में पिछले महीने एक ही परिवार के चार सदस्यों की रहस्यमयी मौत के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है. सर जे जे अस्पताल द्वारा Police को सौंपी गई अंतिम पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में पुष्टि हुई है कि परिवार के चारों लोगों की मौत जिंक फॉस्फाइड नामक जहरीले रसायन से हुई, जिसका इस्तेमाल आमतौर पर चूहे मारने की दवा के रूप में किया जाता है.
Mumbai Police के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि Thursday को जे जे अस्पताल की अंतिम रिपोर्ट में मौत का कारण जिंक फॉस्फाइड से हुआ जहर बताया गया है. हालांकि Police अभी तक यह तय नहीं कर पाई है कि यह सामूहिक आत्महत्या, हादसा या फिर सुनियोजित हत्या का मामला है.
Police जांच के अनुसार, घटना वाली रात परिवार ने पांच रिश्तेदारों के साथ घर पर भोजन किया था. मेहमानों के जाने के बाद 26 अप्रैल की रात करीब 1 बजे परिवार के चारों सदस्यों ने तरबूज खाया. इसके बाद अगले 12 घंटों के भीतर सभी की तबीयत गंभीर रूप से बिगड़ गई और इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई.
फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) की रिपोर्ट में भी तरबूज और मृतकों के विसरा सैंपल में जिंक फॉस्फाइड की मौजूदगी की पुष्टि हुई थी. अब Police जांच का फोकस परिवार के रिश्तेदारों और मेहमानों पर है. अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि 22 से 25 अप्रैल के बीच किसने जिंक फॉस्फाइड खरीदा और परिवार के घर आया था. मामले से जुड़े लोगों के कॉल डिटेल रिकॉर्ड भी खंगाले जा रहे हैं.
Police अधिकारी ने कहा कि फिलहाल किसी पर सीधा शक या कोई ठोस सुराग नहीं मिला है.
Police अब तक करीब 100 लोगों के बयान दर्ज कर चुकी है, जिनमें रिश्तेदार, पड़ोसी और इलाके में चूहे मारने की दवा बेचने वाले 20 से अधिक दुकानदार शामिल हैं. इसके अलावा, उस मोबाइल एक्सेसरीज मार्केट के व्यापारियों से भी पूछताछ की गई है, जहां अब्दुल्ला दोकाडिया काम करते थे.
व्यापक जांच के बावजूद Police को अब तक ऐसा कोई सबूत नहीं मिला है, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि परिवार ने इतना बड़ा कदम क्यों उठाया या फिर यह किसी साजिश का हिस्सा था. आखिर तरबूज तक जहर कैसे पहुंचा, इस पर भी सस्पेंस बरकरार है.
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पीआईएम/पीएम