
चंडीगढ़, 1 मई . भाजपा की पंजाब इकाई ने Friday को चंडीगढ़ में ‘मॉक विधानसभा’ का आयोजन किया. इस दौरान, नेताओं ने कानून-व्यवस्था समेत अनेक मुद्दों पर राज्य की आम आदमी पार्टी Government पर निशाना साधा.
पंजाब में कानून-व्यवस्था की स्थिति भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने कहा, “पार्टी की राज्य इकाई ने पंजाब की जनता की आवाज उठाने के लिए मॉक विधानसभा का आयोजन किया. 50 महीने Government को हो चुके हैं, लेकिन पंजाब में एक भी वादा पूरा नहीं किया गया. इसके उलट गैंगस्टर, रंगदारी और अपहरण जैसी घटनाएं बढ़ी हैं. इससे पंजाब की जनता हताश है.”
पंजाब भाजपा के अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने कहा, “हर सत्र अपने आप में महत्वपूर्ण होता है और उसका अपना महत्व होता है. लेकिन, जब कोई विशेष सत्र बुलाया जाता है, तो उसका महत्व और भी बढ़ जाता है. क्या आज पंजाब चलाने वाले नेता सत्ता के अहंकार के नशे में चूर हैं, या फिर वे किसी अन्य नशे के प्रभाव में हैं? जिस तरह के हालात में वे नजर आ रहे हैं, वह एक बहुत ही गंभीर मामला है.”
उन्होंने कहा कि पंजाब कैबिनेट की बैठक में दो मंत्रियों के जिस तरह व्यवहार हुआ है, अगर उनमें शर्म बाकी है तो उन्हें विधानसभा सत्र से अपना इस्तीफा दे देना चाहिए.
पंजाब भाजपा के महासचिव राकेश राठौर ने कहा, “भारतीय जनता पार्टी की ओर से चंडीगढ़ में मॉक विधानसभा कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है. हमने यह कार्यक्रम पहले भी किया है. यह लोगों तक वास्तविक मुद्दों को पहुंचाने का एक प्रयास है. असल में वर्तमान Government ने पंजाब की दुर्दशा की है.”
पंजाब भाजपा के सचिव संजीव खन्ना ने कहा कि Government ने मजदूर दिवस को एक बहाने के तौर पर इस्तेमाल किया है, लेकिन असल में वे फ्लोर टेस्ट करवाना चाहते हैं, क्योंकि उन्हें अपने ही लोगों पर भरोसा नहीं है. उन्हें इस बात का भरोसा नहीं है कि उनके सभी सदस्य उनके साथ रहेंगे या नहीं.”
भाजपा नेता इकबाल सिंह लालपुरा ने कहा कि हम जनता के असली मुद्दों पर चर्चा करने के लिए एकजुट हुए हैं. Government तंत्र अपनी जिम्मेदारी को छोड़ देता है तो Political पार्टियों का फर्ज है कि वह जनता की समस्याओं को सामने रखें.
विधानसभा सत्र पर उन्होंने कहा, “आम आदमी पार्टी Government को डर सता रहा है. भगवंत मान Government को 4 साल से अधिक समय हो चुका है. पंजाब के लोगों की समस्याओं का कोई हल नहीं किया गया. पंजाब में आज कोई भी आदमी अपने आप को सुरक्षित महसूस नहीं कर रहा है.”
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डीसीएच/