ई20 इथेनॉल पर पंजाब विधानसभा का प्रस्ताव राजनीति से प्रेरित और गुमराह करने वाला : भाजपा

चंडीगढ़, 4 अगस्त . पंजाब भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने Tuesday को विधानसभा में पारित उस प्रस्ताव की निंदा की, जिसमें केंद्र से अनिवार्य ई20 इथेनॉल ब्लेंडिंग प्रोग्राम को लागू करने पर रोक लगाने की मांग की गई थी.

उन्होंने इस फैसले को ‘राजनीति से प्रेरित’, ‘तथ्यों के लिहाज से गुमराह करने वाला’ और ‘राज्य के किसानों के हितों के खिलाफ’ बताया.

ढिल्लों ने कहा कि India की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने और किसानों की आय बढ़ाने वाली एक प्रगतिशील राष्ट्रीय नीति का समर्थन करने के बजाय, आम आदमी पार्टी (आप) Government ने पंजाब के कृषि भविष्य की कीमत पर राजनीति करने का रास्ता चुना है.

उन्होंने एक बयान में कहा, “इथेनॉल ब्लेंडिंग सिर्फ एक ऊर्जा नीति नहीं, बल्कि यह एक क्रांतिकारी पहल है, जिससे किसानों, उपभोक्ताओं, पर्यावरण और देश की अर्थव्यवस्था को फायदा होता है. ‘आप’ Government का इसे नकारात्मक रूप में पेश करने का प्रयास या तो समझ की कमी को दर्शाता है या फिर पंजाब के लोगों को गुमराह करने की जानबूझकर की गई कोशिश है.”

ढिल्लों ने बताया कि कई विकसित और विकासशील देशों ने अपनी दीर्घकालिक ऊर्जा रणनीति के हिस्से के रूप में इथेनॉल-मिश्रित ईंधन को सफलतापूर्वक अपनाया है.

उन्होंने कहा, “ब्राजील और अमेरिका जैसे देश दशकों से इथेनॉल ब्लेंडिंग पर निर्भर रहे हैं, जबकि कई अन्य देश आयातित जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम करने, उत्सर्जन घटाने और नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए इथेनॉल का इस्तेमाल लगातार बढ़ा रहे हैं.”

राज्य भाजपा प्रमुख ने कहा कि इथेनॉल ब्लेंडिंग कार्यक्रम ने मक्का और गन्ना जैसी कृषि उपज के लिए एक स्थिर और अतिरिक्त बाजार तैयार किया है, जिससे किसानों को पारंपरिक खरीद प्रणालियों से हटकर आय के नए अवसर मिले हैं.

उन्होंने कहा, “जैसे-जैसे इथेनॉल फीडस्टॉक की मांग बढ़ती है, किसानों को बेहतर कीमत, फसल विविधीकरण और कुछ ही फसलों पर निर्भरता कम होने से फायदा होता है. पंजाब के लिए, जहां फसल विविधीकरण समय की जरूरत बन गया है, इथेनॉल कोई खतरा नहीं बल्कि एक बड़ा अवसर है. इस पहल का विरोध करने के बजाय, राज्य Government को किसानों को उभरते बाजार के अवसरों का लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए और इथेनॉल उत्पादन में निवेश को बढ़ावा देना चाहिए.”

उन्होंने कहा कि ऐसा करने के बजाय ‘आप’ Government तथ्यों को तोड़-मरोड़कर किसानों को गुमराह करने की कोशिश कर रही है.

ढिल्लों ने आगे कहा, “असलियत यह है कि ज्यादातर कृषि मशीनरी, जिसमें ट्रैक्टर, हार्वेस्टर, जनरेटर और खेती के अन्य उपकरण शामिल हैं, डीजल पर चलती है, जबकि इथेनॉल ब्लेंडिंग पेट्रोल में की जाती है, इसलिए इस नीति का पंजाब के किसानों पर कोई बुरा असर नहीं पड़ता है.”

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एससीएच/डीकेपी

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