
वाशिंगटन, 7 जून . अमेरिका के President डोनाल्ड ट्रंप ने Sunday को कहा कि ईरान और अमेरिका शांति समझौते पर पहुंचने के बहुत करीब हैं. हालांकि, यह पहली बार नहीं है, जब अमेरिकी President ने सीजफायर समझौते को लेकर ये दावा किया है. इससे पहले भी ट्रंप ने कई बार कहा है कि दोनों देशों के बीच बातचीत समझौते के अंतिम चरण में पहुंच चुका है.
अमेरिकी President ट्रंप ने एनबीसी को दिए एक इंटरव्यू में यह बात कही. President ट्रंप ने आगे कहा कि अभी भी कुछ बातों पर असहमति है, जो जरूरी भी नहीं लगतीं. उन्होंने कहा कि ईरान पहले ही एक शर्त मान चुका है जिसमें वह न्यूक्लियर हथियार नहीं बनाने का वादा करता है.
हालांकि, ट्रंप ने साफ किया कि वह चाहते हैं कि ईरान दूसरे तरीकों से ऐसे हथियार हासिल करने का अधिकार भी छोड़ दे. इटली की न्यूज एजेंसी एडनक्रोनोस ने बताया कि ईरान ने शुरू में कुछ विरोध किया और फिर ऐसा करना बंद कर दिया.
ट्रंप ने इजरायल से लेबनान में हिज्बुल्लाह के ठिकानों पर और सर्जिकल रेड करने को कहा.
इंटरव्यू में उन्होंने कहा, “मैं चाहता हूं कि लेबनान में लोगों की जिदगी बेहतर हो. मैं हिज्बुल्लाह के खिलाफ ज्यादा टारगेटेड अटैक देखना चाहता हूं. मुझे लगता है कि यह और सर्जिकल होना चाहिए.”
Sunday को, बेरूत में एक और इजरायली रेड में दो लोग मारे गए और 11 दूसरे घायल हो गए. ताजा आधिकारिक डेटा के मुताबिक, 2 मार्च को नई लड़ाई शुरू होने के बाद से लेबनान पर इजरायली एयर रेड में 3,560 से ज्यादा लोग मारे गए हैं.
इजरायली सेना के अनुसार, लेबनान में 29 सैनिक और एक सिविलियन कॉन्ट्रैक्टर मारे गए. ट्रंप ने कहा कि उन्होंने ईरान के नए सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह मोजतबा खामेनेई से सीधे तौर पर कभी बात नहीं की, लेकिन ईरानी लीडर युद्ध खत्म करने के लिए समझौते पर पहुंचने की प्रक्रिया में हिस्सा ले रहे हैं.
एनबीसी को दिए इंटरव्यू में अमेरिकी President ने मोजतबा खामेनेई को उनके पिता अली खामेनेई से ज्यादा समझदार बताया. बता दें, ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल की ओर से किए गए हमले में मौत हो गई थी.
ट्रंप ने मोजतबा खामेनेई को एक हिम्मतवाला आदमी भी बताया. अमेरिकी President ने कहा, “वह काफी गंभीर रूप से घायल हैं. ऐसे में उनमें साहस भी दिखाई देता है. बहुत से लोग अगर इतनी गंभीर चोटों का सामना कर रहे होते, तो वे यह नहीं पूछते कि ‘अमेरिका के साथ हमारी स्थिति कैसी चल रही है?’ उनके मन में दूसरी चिंताएं होतीं. इसलिए मैं कहूंगा कि इस व्यक्ति में एक खास तरह का साहस है. हालांकि, वह वास्तव में बहुत गंभीर रूप से घायल हैं.”
ट्रंप ने कहा कि ईरान की नई लीडरशिप ज्यादा समझदार है. उन्होंने दोहराया कि वह नए सुप्रीम लीडर के साथ सीधी बातचीत के लिए तैयार हैं और कहा, “अगर वह चाहते तो मैं ऐसा करता, लेकिन मैंने उनसे कभी सीधे बात नहीं की.”
28 फरवरी को शुरू हुए युद्ध को खत्म करने के लिए वाशिंगटन और तेहरान के बीच समझौता होने के बाद, अमेरिका ईरान के पास मौजूद संवर्धित यूरेनियम को रिकवर करने और डिस्पोज करने में उसके साथ सहयोग करेगा.
हालांकि, अगर समझौता नहीं होता है, तो अमेरिका खुद यूरेनियम रिकवर करके ईरानी सेना को और कमजोर कर देगा. ट्रंप ने कहा, “अगर हम किसी ऐसे समझौते पर पहुंचते हैं जो हमें सही साबित करता है, तो हम सहयोग करेंगे. हम अपने उपकरण का इस्तेमाल करेंगे और हम यूरेनियम को ले जाकर नष्ट कर देंगे, चाहे वह साइट पर हो या हम उसे कहीं और ले जाएं.’ लेकिन हम किसी को भी हम पर गोली चलाने की इजाज़त नहीं देंगे, ठीक है?”
उन्होंने आखिर में कहा, ”अगर हम किसी एग्रीमेंट पर नहीं पहुंचते हैं, तो हम मिलिट्री तरीके से यूरेनियम के स्टॉक को बहुत सख्ती से खत्म कर देंगे.”
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केके/डीएससी