
वाशिंगटन, 17 अप्रैल . अमेरिका के President डोनाल्ड ट्रंप और न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी के बीच स्टोनवॉल नेशनल मॉन्यूमेंट को लेकर अनबन चल रही है. इस बीच ममदानी ने एनवाईसी सेकेंड होम टैक्स का प्रस्ताव रखा है, जिसकी अमेरिकी President ट्रंप कड़ी आलोचना कर रहे हैं.
ट्रूथ सोशल पर अमेरिकी President ने लिखा, “दुख की बात है, मेयर ममदानी न्यूयॉर्क को बर्बाद कर रहे हैं! इसका कोई चांस नहीं है! अमेरिका को इसकी नाकामी में हिस्सा नहीं लेना चाहिए. यह और भी बुरा होगा. टैक्स पॉलिसी बहुत गलत हैं. लोग भाग रहे हैं. उन्हें अपने तरीके बदलने होंगे और जल्दी. इतिहास ने साबित किया है कि यह चीज काम नहीं करती.”
दरअसल, मेयर ममदानी ने न्यूयॉर्क के लिए 500 मिलियन डॉलर तक जुटाने के लिए 5 मिलियन डॉलर या उससे ज्यादा कीमत वाले लग्जरी सेकंड होम के मालिकों पर टैक्स लगाने का ऐलान किया. यह टैक्स उन लोगों पर लागू होगा जो न्यूयॉर्क में फुल-टाइम नहीं रहते हैं, लेकिन शहर के रियल एस्टेट मार्केट में निवेश करके फायदा उठाते हैं.
social media पर शेयर किए गए एक वीडियो में ममदानी ने नए टैक्स को “खासकर सबसे अमीर लोगों के लिए बनाया गया” बताया और कहा कि इसका मकसद एक बहुत ही गलत सिस्टम से निPatna है जो न्यूयॉर्क में काम करने वालों को नुकसान पहुंचाता है.
इस टैक्स का प्रस्ताव न्यूयॉर्क की गवर्नर कैथी होचुल ने रखा था. होचुल ने social media प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा था, “न्यूयॉर्क के लोग हर दिन इस शहर में आते हैं. कुछ सबसे अमीर प्रॉपर्टी मालिक और विदेशी अमीर लोग नहीं आते. अब समय आ गया है कि वे भी बाकी लोगों की तरह इसमें योगदान देना शुरू करें.”
द मिरर यूएस के अनुसार, यह टैक्स शहर के फिस्कल डेफिसिट में मदद करेगा, जिसके अगले फिस्कल ईयर तक 5.4 बिलियन डॉलर रहने का अनुमान है. इससे पहले 2019 में भी सेकंड-होम्स टैक्स लगाने की कोशिश की गई थी, जो ताकतवर रियल एस्टेट डेवलपर्स की वजह से नाकाम रहीं.
दूसरी तरफ दोनों नेताओं के बीच स्टोनवॉल नेशनल मॉन्यूमेंट को लेकर तनातनी है. ऐतिहासिक स्टोनवॉल नेशनल मॉन्यूमेंट न्यूयॉर्क के ग्रीनविच विलेज में स्थित है. इसे 1969 के दौरान एलजीबीटीक्यू प्लस के विद्रोह का प्रतीक माना जाता है. फरवरी 2026 में अमेरिकी President ने स्टोनवॉल नेशनल मॉन्यूमेंट से एलजीबीटीक्यू प्लस प्राइड झंडा हटा दिया. वहीं जोहरान ममदानी ने अमेरिकी Government के इस कदम का विरोध किया.
ममदानी ने इसे एलजीबीटीक्यू प्लस समुदाय के खिलाफ भेदभावपूर्ण रवैया बताया था, जबकि ट्रंप प्रशासन ने इसे ‘इतिहास की बहाली’ कहा.
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केके/एएस