
प्रयागराज, 14 दिसंबर . पर्यटन के वैश्विक पटल पर उत्तर प्रदेश को प्रमुख स्थान पर स्थापित करने के लिए योगी आदित्यनाथ Government सतत प्रयास कर रही है. योगी Government के प्रयास से ही यूपी में पर्यटन स्थलों को नई पहचान मिली है.
यूनेस्को ने प्रयागराज महाकुंभ को मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत के रूप में स्थान दिया है. पर्यटकों की संख्या में तेजी से बढ़ोत्तरी को भी इसी के परिणाम के तौर पर देखा जा रहा है. इसका असर संगम के तट पर 3 जनवरी से लगने जा रहे आस्था के जन समागम माघ मेला 2026 में भी परिलक्षित होगा.
महाकुंभ में मिली अभूतपूर्व सफलता और रिकॉर्ड संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों के अनुभवों को आधार बनाकर प्रशासन प्रयागराज को ग्लोबल टूरिस्ट डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने के विस्तृत रोडमैप पर कार्य कर रहा है.
कमिश्नर प्रयागराज सौम्या अग्रवाल का कहना है कि प्रयागराज महाकुंभ के दिव्य, भव्य और स्वच्छ आयोजन के बाद वैश्विक पटल पर कुंभ नगरी प्रयागराज को विशेष पहचान मिली है. साल 2022 में प्रयागराज में पर्यटकों का जो फुटफॉल 2.66 करोड़ था, वह इस साल जनवरी से सितंबर तक बढ़कर 68.21 करोड़ पहुंच गया. इसे Government लगातार प्रोत्साहित कर रही है. इस बार का माघ मेला अब केवल एक परंपरागत धार्मिक आयोजन नहीं होगा, बल्कि India की आध्यात्मिक, सांस्कृतिक पहचान और सुगठित प्रशासनिक क्षमता का समृद्ध प्रदर्शन का साक्षी बनेगा.
प्रदेश के Chief Minister ने स्वयं इस बात का संज्ञान लेते हुए इस बार के माघ मेले में 12 से 15 करोड़ के बीच पर्यटकों या श्रद्धालुओं के आगमन का अनुमान लगाया है. यह अब तक आयोजित सभी माघ मेलों के तीन गुना से अधिक है. आयोजन को ग्लोबल रीच देने के लिए मेला प्राधिकरण कई कदम उठा रहा है. अंतरराष्ट्रीय मंचों पर की गई ब्रांडिंग, डिजिटल प्रचार और महाकुंभ की वैश्विक पहुंच को देखते हुए प्रयागराज महाकुंभ में पहुंचने वाले पर्यटकों की संख्या ने कीर्तिमान बना दिया.
पर्यटन विभाग द्वारा महाकुंभ में आने वाले पर्यटकों की संख्या जनवरी 2025 से सितंबर 2025 तक 68 करोड़ 21 लाख 50 हजार 860 रही. महाकुंभ की उसी रणनीति पर चलते हुए माघ मेले की ब्रांडिंग भी उसी का हिस्सा है, जिसमें 44 दिन चलने वाले माघ मेले 12 से 15 करोड़ लोग में आने का अनुमान है. महाकुंभ की ब्रांडिंग के बाद Government माघ मेले की ग्लोबल ब्रांडिंग भी कर रही है.
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विकेटी/एबीएम