बिहार के प्रमुख तीर्थ स्थलों को विश्वस्तरीय बनाने की तैयारी, केंद्र से योजनाओं की मंजूरी का अनुरोध

Patna, 10 अगस्त . बिहार के पर्यटन मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता ने Monday को केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत से मुलाकात कर राज्य के प्रमुख तीर्थ एवं पर्यटन स्थलों के विकास से जुड़ी लंबित योजनाओं को जल्द मंजूरी देने का अनुरोध किया. उन्होंने केंद्रीय बजट घोषणा 2024-25 के तहत बिहार Government की ओर से भेजे गए प्रस्तावों पर शीघ्र विचार करने की मांग की.

पर्यटन मंत्री गुप्ता ने Union Minister को बताया कि बिहार Government ने राज्य के प्रमुख धार्मिक, ऐतिहासिक और पर्यटन स्थलों के समग्र एवं योजनाबद्ध विकास के लिए विस्तृत प्रस्ताव तैयार किए हैं. इनमें विशेष रूप से गयाजी-बोधगया और नालंदा-राजगीर के विकास को प्राथमिकता दी गई है.

उन्होंने बताया कि केंद्रीय बजट घोषणा 2024-25 के अनुरूप गयाजी-बोधगया तथा नालंदा-राजगीर के लिए अंतिम व्यापक गंतव्य रणनीति और विकास योजना तैयार कर केंद्र Government को भेजी गई है. इन योजनाओं का उद्देश्य संबंधित क्षेत्रों की पर्यटन क्षमता को बढ़ाना और आधुनिक सुविधाओं के साथ समन्वित एवं सतत विकास सुनिश्चित करना है.

बिहार Government ने गयाजी-बोधगया के समग्र विकास के लिए 1,080 करोड़ रुपये तथा नालंदा-राजगीर के लिए 1,050 करोड़ रुपये की विकास योजना तैयार की है. इन दोनों योजनाओं के साथ विस्तृत आधारभूत विश्लेषण प्रतिवेदन भी केंद्र Government को उपलब्ध कराया गया है.

पर्यटन मंत्री ने बताया कि गयाजी-बोधगया प्रस्ताव के तहत हेरिटेज हाट, बोधगया और इंटरनेशनल फूड कोर्ट से संबंधित दो योजनाएं भी शामिल हैं. इसके अलावा स्वदेश दर्शन योजना के तहत बेगूसराय जिले के सिमरिया घाट के विकास के लिए 1,216.02 लाख रुपये का परियोजना प्रस्ताव केंद्र Government को भेजा जा चुका है, जिसकी स्वीकृति फिलहाल प्रतीक्षित है.

केदार प्रसाद गुप्ता ने केंद्रीय पर्यटन मंत्री से आग्रह किया कि बजट घोषणा के अनुपालन में बिहार Government द्वारा प्रस्तुत सभी योजनाओं पर जल्द से जल्द सैद्धांतिक स्वीकृति प्रदान की जाए, ताकि विकास कार्यों को बिना किसी अनावश्यक विलंब के आगे बढ़ाया जा सके.

उन्होंने कहा कि गयाजी, बोधगया, नालंदा और राजगीर जैसे महत्वपूर्ण स्थलों का योजनाबद्ध विकास बिहार की धार्मिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा.

पर्यटन मंत्री के अनुसार, इन परियोजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन से तीर्थयात्रियों और देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों के लिए सुविधाओं का विस्तार होगा. साथ ही राज्य में पर्यटन आधारित आर्थिक गतिविधियों, रोजगार और स्थानीय विकास को भी बढ़ावा मिलेगा. बिहार Government इन स्थलों को विश्वस्तरीय पर्यटन एवं सांस्कृतिक विरासत गंतव्य के रूप में विकसित करने की दिशा में तेजी से काम कर रही है.

एमएनपी/एसके

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