डीएमके-एआईएडीएमके गठबंधन की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता: दिनाकरन

चेन्नई, 11 जुलाई . अम्मा मक्कल मुन्नेत्र कजगम (एएमएमके) के महासचिव टीटीवी दिनाकरन ने Saturday को तमिलनाडु में एक नई Political बहस छेड़ दी. उन्होंने कहा कि डीएमके और एआईएडीएमके के बीच भविष्य में गठबंधन की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता. उनका कहना है कि Political समीकरण अक्सर विचारधारा के बजाय परिस्थितियों के अनुसार बदलते हैं.

मदुरै में पत्रकारों से बात करते हुए दिनाकरन ने कहा कि Political गठबंधनों को शामिल दलों के आधार पर अलग-अलग मापदंडों से नहीं देखा जाना चाहिए.

एएमएमके प्रमुख की यह टिप्पणी विदुथलाई चिरुथिगल काची (वीसीके) के अध्यक्ष थोल थिरुमावलवन की हालिया टिप्पणी के जवाब में आई है, जिसमें उन्होंने कहा था कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का प्रभावी ढंग से मुकाबला करने के लिए डीएमके और तमिलगा वेट्री कजगम (टीवीके) को एक ही गठबंधन में रहना चाहिए.

दिनाकरन ने चयनात्मक Political तर्क बताते हुए सवाल उठाया कि डीएमके-एआईएडीएमके के बीच समझौते की संभावना को खारिज करने का कोई आधार नहीं है, क्योंकि देश भर में Political दलों ने बड़े Political उद्देश्यों की पूर्ति के लिए बार-बार अपने पूर्व Political प्रतिद्वंद्वियों के साथ गठबंधन किया है.

उन्होंने आगे कहा कि अगर चुनाव के दौरान एक-दूसरे के विरोधी रहे दलों के समर्थन से Government बनाना स्वीकार्य माना जाता है, तो किसी भी Political गठबंधन पर कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए.

तमिलनाडु के मौजूदा Political परिदृश्य का जिक्र करते हुए दिनाकरन ने कहा कि डीएमके-एआईएडीएमके गठबंधन की संभावना पर बहस करना बेमानी है, क्योंकि Governmentें उन दलों के समर्थन से भी बन सकती हैं जो पहले एक-दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़ चुके हैं.

उन्होंने राज्य के बदलते Political परिदृश्य की ओर इशारा करते हुए इस संभावना पर हो रही आलोचना पर भी सवाल उठाया.

उन्होंने पूछा कि अगर टीवीके डीएमके गठबंधन में शामिल दलों के समर्थन से Government बना सकती है, तो डीएमके और एआईएडीएमके के एक साथ आने में क्या गलत है?

एमएस/

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