
New Delhi, 24 अप्रैल . आम आदमी पार्टी (आप) के राज्यसभा सांसदों के भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने पर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है. भाजपा नेताओं ने कहा कि आम आदमी पार्टी को आत्मचिंतन की जरूरत है.
दरअसल, Friday को आप सांसदों राघव चड्डा, संदीप पाठक और अशोक मित्तल ने इस्तीफा देकर भाजपा में शामिल होने की घोषणा की.
BJP MP बांसुरी स्वराज ने आप पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी की कथित महिला-विरोधी नीतियां, वैचारिक दिवालियापन और जनता के साथ बार-बार विश्वासघात जैसे मुद्दों के कारण ही उसके सांसद उसे छोड़ रहे हैं. उन्होंने मीडिया से बातचीत में दावा किया कि राज्यसभा में आप के दो-तिहाई सांसद पार्टी से दूरी बना रहे हैं, जो इस बात का संकेत है कि संगठन अंदर से कमजोर हो रहा है.
बांसुरी स्वराज ने कहा कि यह समय अरविंद केजरीवाल, सौरभ भारद्वाज और पार्टी नेतृत्व के लिए आत्ममंथन का है. उनके अनुसार, जब संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारी भी असंतुष्ट होकर पार्टी छोड़ रहे हैं, तो यह स्पष्ट संकेत है कि पार्टी का ढांचा बिखर रहा है. उन्होंने यह भी कहा कि Prime Minister मोदी की विकास नीतियां लोगों को आकर्षित कर रही हैं, जिसके कारण अन्य दलों के नेता भाजपा की ओर रुख कर रहे हैं.
BJP MP अनुराग ठाकुर ने भी से बातचीत के दौरान आप पर हमला बोलते हुए कहा कि पार्टी के भीतर असंतोष का माहौल है और कई नेता खुद को उपेक्षित महसूस कर रहे थे. जो लोग भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ने के उद्देश्य से राजनीति में आए थे, वही अब पार्टी से निराश होकर बाहर निकल रहे हैं. कम समय में आप के कई नेताओं का पार्टी छोड़ना और कुछ का कानूनी मामलों में घिरना, चिंताजनक संकेत हैं.
उन्होंने कहा कि अगर किसी ने गलत किया है तो वह कानून के दायरे में आएगा, और अगर नहीं किया है तो उसे कोई डरने की जरूरत नहीं है. भाजपा न्याय व्यवस्था में विश्वास रखती है.
भाजपा के वरिष्ठ नेता तीक्ष्ण सूद ने से इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि आम आदमी पार्टी को आत्मचिंतन करने की जरूरत है. जिस आंदोलन से यह पार्टी निकली थी, उसी के सिद्धांतों से अब वह भटक गई है. आप सांसदों का भाजपा में शामिल होना यह दर्शाता है कि पार्टी को देशभर में व्यापक जनसमर्थन मिल रहा है.
भाजपा विधायक अनिल गोयल ने कहा कि आप के राज्यसभा सांसदों के इस्तीफे पार्टी की गिरती साख का प्रमाण हैं.
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एएसएच/एबीएम