राजनीतिक दलों ने स्कूलों में ‘वंदे मातरम’ अनिवार्य करने के बंगाल सरकार के कदम का स्वागत किया

कोलकाता, 14 मई . पश्चिम बंगाल में Political दलों ने राज्य Government के उस फैसले का स्वागत किया है, जिसके तहत Governmentी स्कूलों में ‘वंदे मातरम’ का गायन अनिवार्य किया गया है. वहीं, विपक्षी दलों ने कहा कि राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ के महत्व के साथ किसी भी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए.

भारतीय जनता पार्टी की नेता शतरूपा ने समाचार एजेंसी से बात करते हुए कहा कि स्कूलों में ‘वंदे मातरम’ गाने से छात्रों में राष्ट्रीय गौरव और देशभक्ति की भावना बढ़ेगी.

उन्होंने कहा, “पूरा देश ‘वंदे मातरम’ गा रहा है. पश्चिम बंगाल में पिछली तृणमूल कांग्रेस Government ने इसे बंद कर दिया था. अब भारतीय जनता पार्टी की Government ने इसे फिर से लागू कर दिया है. हम इस फैसले का स्वागत करते हैं. इससे छात्रों में देशभक्ति की भावना बढ़ाने में मदद मिलेगी.”

दूसरी ओर, तृणमूल कांग्रेस ने कहा कि स्कूलों में यह गीत गाए जाने पर उसे कोई आपत्ति नहीं है, क्योंकि इसे एक बंगाली लेखक ने लिखा था.

तृणमूल कांग्रेस के प्रवक्ता अरूप चक्रवर्ती ने कहा, “यह गीत एक बंगाली लेखक ने लिखा था. यह बंगाल की परंपराओं और सांस्कृतिक मूल्यों को आगे बढ़ाने में मदद करता है. हमें इससे कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन यह भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि इसके कारण धर्मनिरपेक्षता, भाईचारे और सौहार्द का संदेश कहीं दब न जाए.”

कांग्रेस ने भी राज्य Government के इस कदम का स्वागत किया.

कांग्रेस नेता आशुतोष चटर्जी ने से बात करते हुए कहा, “इस पर किसी को कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए. हम स्कूलों में ‘वंदे मातरम’ गाने के फैसले का स्वागत करते हैं, लेकिन हमें किसी भी तरह से रवींद्रनाथ टैगोर और उनके गीतों का विरोध नहीं करना चाहिए.”

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) ने भी इसी भावना को दोहराया.

पार्टी नेता कौस्तव चटर्जी ने से बात करते हुए कहा, “वंदे मातरम गाने पर कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन राष्ट्रगान के महत्व के साथ कोई समझौता नहीं होना चाहिए. हमें संविधान और धर्मनिरपेक्षता की रक्षा करनी है. इस पहलू को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए.”

पश्चिम बंगाल Government ने Tuesday को राज्य के सभी Governmentी और सहायता प्राप्त स्कूलों को निर्देश दिया कि वे सुबह की प्रार्थना सभा के दौरान ‘वंदे मातरम’ का गायन तत्काल प्रभाव से अनिवार्य करें.

निर्देश में कहा गया है कि प्रत्येक छात्र को स्कूल के दिन की शुरुआत में राष्ट्रगीत गाना अनिवार्य है. संस्थानों के प्रमुखों को इसका कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं.

कक्षा शुरू होने से पहले सुबह की प्रार्थना सभा में ‘वंदे मातरम’ का गायन अनिवार्य किया जाना चाहिए, ताकि राज्य के सभी स्कूलों में सभी छात्रों द्वारा तत्काल प्रभाव से ‘वंदे मातरम’ गाया जा सके. शिक्षा निदेशक ने 13 मई को राज्य संचालित और राज्य सहायता प्राप्त स्कूलों के प्रमुखों को भेजे गए संदेश में यह निर्देश दिया.

यह कदम केंद्र Government द्वारा राष्ट्रीय प्रतीकों के सम्मान से जुड़े प्रावधानों को मजबूत करने के लिए उठाए गए कदमों के तुरंत बाद आया है. इन कदमों में ‘राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम अधिनियम, 1971’ में एक प्रस्तावित संशोधन भी शामिल है, जिसके तहत ‘वंदे मातरम’ के गायन में बाधा डालना एक दंडनीय अपराध बन जाएगा.

पहले राज्य के स्कूलों में परंपरागत रूप से केवल राष्ट्रगान ‘जन गण मन’, जिसे रवींद्रनाथ टैगोर ने लिखा है, ही गाया जाता था.

हाल के वर्षों में पिछली तृणमूल कांग्रेस Government ने ‘बांग्लार माटी बांग्लार जल’ को राज्य गीत के रूप में अपनाया था. इसे रवींद्रनाथ टैगोर ने 1905 में बंगाल विभाजन के विरोध के दौरान लिखा था.

एसएचके/डीकेपी

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