
कोलकाता, 24 जून . जमीन पर जबरन कब्जा करने के आरोपों के बाद Police ने पूर्व तृणमूल कांग्रेस विधायक अतिन घोष और उनकी बेटी प्रियदर्शिनी घोष को पूछताछ के लिए तलब किया है.
Police के अनुसार, अतिन घोष, जो कोलकाता नगर निगम (केएमसी) के पूर्व डिप्टी मेयर भी रह चुके हैं, और उनकी बेटी को इसी सप्ताह पूछताछ के लिए बुलाया गया है. दोनों पर करीब 50 लाख रुपये की धोखाधड़ी का आरोप है.
एक होटल मालिक ने शिकायत दर्ज कराई है कि उसकी संपत्ति को बेहद कम रकम देकर जबरन अपने कब्जे में ले लिया गया. घटना प्रगति मैदान थाना क्षेत्र की बताई गई है, लेकिन बाद में मामला बिधाननगर नॉर्थ थाने को स्थानांतरित कर दिया गया, जहां Police इसकी जांच कर रही है.
हालांकि, अतिन घोष ने Wednesday को दावा किया कि उन्हें अभी तक Police की ओर से कोई नोटिस प्राप्त नहीं हुआ है.
अतिन घोष ने 2021 के विधानसभा चुनाव में काशीपुर-बेलगछिया सीट से जीत हासिल की थी. हालिया चुनाव में भी उन्होंने इसी सीट से चुनाव लड़ा, लेकिन भाजपा उम्मीदवार रितेश तिवारी से हार गए.
राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद तृणमूल कांग्रेस नेताओं के खिलाफ दर्ज शिकायतों पर Police कार्रवाई तेज हुई है. कई मामलों में टीएमसी नेताओं, पार्षदों और विधायकों को वसूली, भ्रष्टाचार और छेड़छाड़ जैसे आरोपों में गिरफ्तार भी किया गया है.
इस मामले में होटल मालिक की शिकायत के आधार पर अतिन घोष और उनकी बेटी के खिलाफ First Information Report दर्ज की गई है. उन पर जमीन हड़पने, धमकी देने, धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश रचने समेत कई गंभीर धाराएं लगाई गई हैं.
Police के मुताबिक, अतिन घोष पर पूर्वी महानगर बाइपास (ईस्टर्न मेट्रोपॉलिटन बाइपास) से सटे मेट्रोपॉलिटन इलाके में ढाई कट्ठा जमीन पर बने तीन मंजिला बंगले पर करीब नौ वर्षों से कब्जा रखने का आरोप है.
सूत्रों के अनुसार, वर्तमान में उस जमीन और मकान की बाजार कीमत लगभग चार करोड़ रुपये है. शिकायतकर्ता का आरोप है कि इसके बदले उसे केवल 50 लाख रुपये का भुगतान किया गया था.
अतिन घोष की बेटी प्रियदर्शिनी घोष ने मीडिया के एक वर्ग से बातचीत में कहा, “मेरे पिता की 50 साल की Political छवि को कोई धूमिल नहीं कर पाया है. हम इन आरोपों की जिम्मेदारी नहीं लेते. अब मैं मानहानि का मुकदमा दायर करूंगी.”
वहीं, राज्य की नगर मामलों और शहरी विकास मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने कहा, “पहले न तो उचित जांच होती थी और न ही मुकदमा चलता था. अब शिकायत दर्ज हुई है और मामले की जांच की जाएगी.”
–
डीएससी