पीएम मोदी की नीदरलैंड यात्रा महत्वपूर्ण, भारत-डच रिश्तों को मिलेगी नई दिशा: राजदूत कुमार तुहिन

एम्स्टर्डम, 14 मई . नीदरलैंड में India के राजदूत कुमार तुहिन ने कहा है कि Prime Minister Narendra Modi की आगामी नीदरलैंड यात्रा बेहद महत्वपूर्ण है. उन्होंने बताया कि नई डच Government के गठन और Prime Minister रॉब येहतुन के पद संभालने के बाद यह दोनों नेताओं के बीच पहली शिखर स्तर की मुलाकात होगी.

को दिए एक विशेष इंटरव्यू में राजदूत तुहिन ने कहा,” दोनों नेता विभिन्न क्षेत्रों में हुई अब तक की प्रगति की समीक्षा करेंगे और द्विपक्षीय संबंधों को नई रणनीतिक दिशा देने पर चर्चा करेंगे. नई तकनीक, सेमीकंडक्टर और टिकाऊ ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में अहम प्रगति की उम्मीद है.”

उन्होंने कहा कि बैठक में व्यापार और निवेश, तकनीक, शिक्षा, स्वास्थ्य, समुद्री सहयोग और मौजूदा वैश्विक हालात समेत द्विपक्षीय संबंधों के दायरे पर बातचीत होने की संभावना है.

नीदरलैंड India का एक महत्वपूर्ण व्यापारिक साझेदार होने के साथ-साथ यूरोप का प्रवेश द्वार भी माना जाता है. तुहिन का मानना है, “भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) लागू होने के बाद नीदरलैंड की भूमिका और ज्यादा अहम हो जाएगी.”

ऊर्जा क्षेत्र का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि नीदरलैंड में दुनिया की कई बड़ी ऊर्जा कंपनियां मौजूद हैं, जिनकी India के साथ पहले से मजबूत साझेदारी है. Prime Minister मोदी के मिशन ‘एलआईएफई’ और स्वच्छ ऊर्जा को लेकर प्रतिबद्धता दोनों देशों के बीच इस क्षेत्र में सहयोग की बड़ी संभावनाओं के द्वार खोलती हैं.

उन्होंने बताया कि India और नीदरलैंड के बीच व्यापार और निवेश संबंध पहले से मजबूत हैं. बड़ी संख्या में भारतीय कंपनियां नीदरलैंड में काम कर रही हैं, जबकि कई डच कंपनियां India में सक्रिय हैं.

राजदूत के अनुसार, दोनों देशों के बीच निवेश बढ़ाने के अलावा संयुक्त परियोजनाओं, क्षमता निर्माण और संस्थागत सहयोग को भी और मजबूत किया जा सकता है.

उन्होंने कहा कि Governmentी स्तर पर भी दोनों देशों के बीच कई मंचों पर सहयोग जारी है. नीदरलैंड इंटरनेशनल सोलर अलायंस और आपदा रोधी बुनियादी ढांचा गठबंधन (सीडीआरआई) का सदस्य है, जबकि India ग्लोबल कमीशन ऑन अडैप्टेशन का हिस्सा है.

तुहिन ने कहा कि यह साझेदारी स्वाभाविक रूप से एक-दूसरे की ताकत है. नीदरलैंड के पास तकनीकी विशेषज्ञता है, जबकि India के पास विशाल बाजार और क्षमता है. साझा लोकतांत्रिक मूल्यों के साथ यह सहयोग और मजबूत हो सकता है.

उन्होंने यह भी कहा कि नीदरलैंड यूरोप में भारतीय समुदाय की सबसे बड़ी आबादी वाले देशों में से एक है. भारतीय मूल के लोग वहां आर्थिक, सामाजिक और Political जीवन में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं और दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक पुल का काम कर रहे हैं.

शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में सहयोग को लेकर भी दोनों नेताओं के बीच चर्चा होने की उम्मीद है. राजदूत ने बताया कि पिछले वर्ष India के छह आईआईटी संस्थानों और यूनिवर्सिटी ऑफ ट्वेंते और आइंडहोवन यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी के बीच सहयोग समझौता हुआ था.

उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य, जल और कृषि ऐसे क्षेत्र हैं जहां दोनों देशों के बीच तेजी से सहयोग बढ़ रहा है. पिछले साल फार्मा सेक्टर में दो समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर हुए थे और स्वास्थ्य क्षेत्र में संयुक्त कार्य समूहों के जरिए बातचीत जारी है.

राजदूत तुहिन के मुताबिक, नीदरलैंड के पास उन्नत स्वास्थ्य तकनीक है, जबकि India के पास तेजी से बढ़ता और नवाचार-आधारित हेल्थकेयर इकोसिस्टम है. ऐसे में स्वास्थ्य नवाचार, फार्मास्युटिकल साझेदारी और डॉक्टरों व शोधकर्ताओं के आदान-प्रदान में सहयोग की काफी संभावनाएं हैं.

केआर/

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