
गुवाहाटी, 20 दिसंबर . Prime Minister Narendra Modi Saturday को दो दिवसीय असम दौरे पर गुवाहाटी पहुंचे. लोकप्रिय गोपीनाथ बोरदोलोई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (एलजीबीआई) पर उनका भव्य स्वागत किया गया. इस दौरान पीएम मोदी ने गुवाहाटी हवाई अड्डे पर गोपीनाथ बोरदोलोई की 80 फुट ऊंची भव्य मूर्ति का अनावरण किया.
असम के Chief Minister डॉ. हिमंत बिस्वा सरमा ने एयरपोर्ट पर पीएम मोदी का स्वागत किया. सरमा ने social media प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा, “मां कामाख्या की पवित्र भूमि पर पीएम मोदी का स्वागत करना हमारे लिए सम्मान की बात है. अगले 2 दिनों में, Prime Minister की उपस्थिति असम की विकास गाथा को नई गति देगी और इसे विकास के अगले चरण में ले जाएगी.”
पीएम मोदी ने असम के प्रथम Chief Minister लोकप्रिय गोपीनाथ बोरदोलोई की 80 फुट ऊंची भव्य मूर्ति का अनावरण किया. यह मूर्ति एयरपोर्ट के नए टर्मिनल के बाहर स्थापित की गई है, जिसे प्रसिद्ध मूर्तिकार स्वर्गीय राम सुतार ने बनाया था.
Chief Minister सरमा ने एक अन्य पोस्ट में लिखा, “एक राजनेता से दूसरे राजनेता तक! आज असम के लिए यह गर्व का पल है, क्योंकि हमारे पहले Chief Minister लोकप्रिया गोपीनाथ बोरदोलोई की भव्य मूर्ति का अनावरण Narendra Modi ने गुवाहाटी एयरपोर्ट परिसर में किया.”
उन्होंने लिखा, “श्रद्धेय बोरदोलोई डांगोरिया आधुनिक असम के निर्माता थे, और उन्होंने ग्रुपिंग के हिस्से के रूप में असम को पूर्वी Pakistan में विलय होने से बचाने में अहम भूमिका निभाई थी. उनके अटूट प्रयासों के कारण ही आज हम गर्व से भारतीय हैं. यह मूर्ति दक्षिण पूर्व एशिया के प्रवेश द्वार पर स्थापित होना इसे और भी खास बनाता है.”
गोपीनाथ बोरदोलोई को India रत्न से सम्मानित किया गया था और वे स्वतंत्रता संग्राम के प्रमुख नेता थे. उनकी यह मूर्ति असम की सांस्कृतिक और Political विरासत को सम्मान देने का प्रतीक है.
इसके अलावा, पीएम मोदी ने लगभग 4,000 करोड़ रुपए की लागत से बने नए एयरपोर्ट टर्मिनल का उद्घाटन किया. यह India का पहला प्रकृति-थीम वाला टर्मिनल है, जिसमें असम की बांस शिल्पकला और सांस्कृतिक तत्वों का खूबसूरती से समावेश किया गया है. यह टर्मिनल पूर्वोत्तर की कनेक्टिविटी को मजबूत करेगा और पर्यटन और व्यापार को बढ़ावा देगा. पीएम ने टर्मिनल का निरीक्षण भी किया और जनसभा को संबोधित किया.
दौरे के दौरान पीएम मोदी कई अन्य परियोजनाओं की सौगात देंगे, जिनकी कुल लागत लगभग 15,600 करोड़ रुपए है. Sunday को वे नामरूप में अमोनिया-यूरिया उर्वरक संयंत्र की आधारशिला रखेंगे और असम आंदोलन के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे.
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एससीएच