प्रधानमंत्री मोदी ने तमिल नव वर्ष की शुभकामनाएं दीं और उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन से की मुलाकात

New Delhi, 14 अप्रैल . Prime Minister Narendra Modi ने Tuesday को तमिल नववर्ष पुथंडु के अवसर पर हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए नागरिकों को सुख, सफलता और अच्छे स्वास्थ्य की कामना की और तमिल संस्कृति की समृद्धि पर प्रकाश डाला. Prime Minister ने उपPresident सीपी राधाकृष्णन से मुलाकात की और उन्हें व्यक्तिगत रूप से शुभकामनाएं दीं.

Prime Minister मोदी ने social media प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा, “पुथांडु के शुभ अवसर पर हार्दिक शुभकामनाएं. मैं आपके लिए सुख, सफलता और अच्छे स्वास्थ्य से भरा वर्ष की प्रार्थना करता हूं. यह विशेष दिन नवीनीकरण, आशा और नई शुरुआत का प्रतीक है. यह तमिल संस्कृति की महानता का सम्मान करने का अवसर है. साहित्य, संगीत, कला, दर्शन और भक्ति की इसकी समृद्ध विरासत दुनिया भर के लोगों को प्रेरित करती रहती है. यह विशेष दिन हमारे समाज में एकता की भावना को और मजबूत करे. महान तमिल संस्कृति से प्रेरित होकर, हम सफलता की नई ऊंचाइयों को प्राप्त करें और प्रकृति के साथ अपने जुड़ाव को और गहरा करें.”

Prime Minister और उपPresident के बीच हुई मुलाकात को उत्सव के अवसर पर सद्भावना का प्रतीक माना गया, जहां दोनों नेताओं को आरती करते और पारंपरिक अनुष्ठानों में भाग लेते देखा गया. उन्होंने तमिल नव वर्ष के अवसर पर एक-दूसरे को शुभकामनाएं भी दीं.

उपPresident सीपी राधाकृष्णन ने भी नव वर्ष के अवसर पर सभी क्षेत्रों के नागरिकों को शुभकामनाएं दीं. उन्होंने कहा, “तमिल पुथंडु, बैसाखी, रोंगाली बिहू, महा बिशुबा पाना संक्रांति, पोइला बोइशाख और विशु के शुभ अवसरों पर सभी को हार्दिक शुभकामनाएं. ये जीवंत त्योहार ‘एक India श्रेष्ठ भारत’ की भावना को दर्शाते हैं और हमारे राष्ट्र की समृद्ध सांस्कृतिक विविधता का जश्न मनाते हैं. ये नए सिरे से शुरुआत, फसल की खुशी और लोगों, प्रकृति और परंपरा के बीच अटूट बंधन का प्रतीक हैं. ये अवसर सभी के जीवन में सद्भाव, समृद्धि और नई आशा का संचार करें.”

India के शीर्ष नेताओं की राष्ट्रव्यापी शुभकामनाओं में नव वर्ष के उत्सव का भाव झलक रहा था, क्योंकि कई क्षेत्रों में पारंपरिक नव वर्ष समारोह मनाए जा रहे थे. तमिलनाडु से लेकर पंजाब, असम, पश्चिम बंगाल, Odisha और केरल तक, पुथंडू, बैसाखी, रोंगाली बिहू, पोइला बोइशाख, महा बिशुबा पाना संक्रांति और विशु जैसे त्योहार सांस्कृतिक उत्साह के साथ मनाए गए, जो नवजीवन, फसल और सद्भाव का प्रतीक हैं.

इन संदेशों में सामूहिक रूप से विविधता में एकता, सांस्कृतिक गौरव और नई आशा के विषयों पर जोर दिया गया, क्योंकि नागरिकों ने समृद्धि और खुशहाली के लिए प्रार्थना करते हुए नए साल का स्वागत किया.

एसएके/पीएम

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