
अदीस अबाबा, 16 दिसंबर . Prime Minister Narendra Modi अपने तीन देशों के दौरे के दूसरे चरण में इथियोपिया जाएंगे. यह यात्रा इथियोपिया के Prime Minister डॉ. अबी अहमद अली के निमंत्रण पर हो रही है. Tuesday से शुरू हो रही यह राजकीय यात्रा Prime Minister मोदी की इथियोपिया की पहली यात्रा होगी, जो भारत-इथियोपिया संबंधों के बढ़ते रणनीतिक महत्व को दिखाती है.
इस यात्रा के दौरान Prime Minister मोदी और Prime Minister अबी अहमद के बीच द्विपक्षीय संबंधों से जुड़े सभी मुद्दों पर विस्तार से बातचीत होगी. इसमें Political सहयोग, विकास कार्यों में साझेदारी, व्यापार, निवेश और दोनों देशों के लोगों के बीच संबंधों को मजबूत करने जैसे विषय शामिल होंगे. ग्लोबल साउथ के साझेदार होने के नाते, दोनों नेताओं से आपसी दोस्ती को और मजबूत करने तथा सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताने की उम्मीद है.
Prime Minister मोदी के स्वागत की तैयारियां इथियोपिया की राजधानी अदीस अबाबा में जोरों पर हैं. शहर में स्वागत पोस्टर, होर्डिंग और भारतीय झंडे लगाए गए हैं. वर्ष 2011 के बाद यह पहली बार है जब कोई भारतीय Prime Minister इथियोपिया की यात्रा पर जा रहा है, जिससे वहां खास उत्साह देखा जा रहा है.
Prime Minister मोदी ने Monday को अपना तीन देशों का दौरा शुरू किया और Tuesday को उनके इथियोपिया पहुंचने का कार्यक्रम है. इथियोपिया के बाद वे अपने दौरे के अंतिम चरण में ओमान जाएंगे.
इथियोपिया को अफ्रीका और ग्लोबल साउथ में India का एक भरोसेमंद और अहम साझेदार माना जाता है. इस यात्रा से दोनों देशों के संबंध और मजबूत होने की उम्मीद है.
यात्रा से पहले दिए गए अपने बयान में Monday को Prime Minister मोदी ने अफ्रीकी संघ के मुख्यालय के रूप में अदीस अबाबा के महत्व पर जोर दिया. उन्होंने यह भी याद दिलाया कि India की जी-20 अध्यक्षता के दौरान वर्ष 2023 में अफ्रीकी संघ को जी-20 का स्थायी सदस्य बनाया गया था. उन्होंने बताया कि वे Prime Minister अबी अहमद से विस्तृत चर्चा करने, भारतीय समुदाय से मिलने और इथियोपिया की संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित करने को लेकर उत्सुक हैं.
Prime Minister ने कहा, “मैं ‘लोकतंत्र की जननी’ के रूप में India की यात्रा और भारत-इथियोपिया साझेदारी ग्लोबल साउथ में क्या मूल्य ला सकती है, इस पर अपने विचार साझा करने के लिए उत्सुक हूं.”
Prime Minister अबी अहमद पिछले वॉइस ऑफ ग्लोबल साउथ शिखर सम्मेलनों में एक प्रमुख भागीदार रहे हैं. विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह यात्रा दक्षिण-दक्षिण सहयोग को मजबूत करने और अफ्रीका के साथ India की साझेदारी को और गहरा करने की India की प्रतिबद्धता को दर्शाती है.
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एएस/