
गुवाहाटी, 14 फरवरी . Prime Minister Narendra Modi ने Saturday को असम के डिब्रूगढ़ जिले के मोरन में नेशनल हाईवे पर आपातकालीन लैंडिंग सुविधा (ईएलएफ) का उद्घाटन किया. यह पूर्वोत्तर India में अपनी तरह की पहली आपातकालीन लैंडिंग सुविधा है.
Prime Minister मोदी वायुसेना के विमान से ही कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे, जो आपातकालीन लैंडिंग सुविधा (ईएलएफ) पर उतरा. असम के Chief Minister हिमंत बिस्वा सरमा और Union Minister सर्बानंद सोनोवाल ने पीएम मोदी का मंच पर स्वागत किया.
उद्घाटन के बाद उन्होंने भारतीय वायुसेना का एक एयर शो भी देखा. एयर शो में राफेल, सुखोई और मिग फाइटर एयरक्राफ्ट शामिल थे. फाइटर एयरक्राफ्ट ने हाईवे स्ट्रिप पर सफलतापूर्वक उड़ान भरी और लैंड किया. इस ऐतिहासिक क्षण को देखने के लिए कम से कम एक लाख लोग इकट्ठा हुए.
पीएम मोदी को मोरन आपातकालीन लैंडिंग सुविधा के महत्व पर एक प्रेजेंटेशन दिखाई गई. भारतीय वायुसेना के प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने पीएम मोदी को इसकी जानकारी दी.
एक Governmentी बयान के मुताबिक, भारतीय वायुसेना के साथ मिलकर बनाई गई ईएलएफ को 40 टन तक वजन वाले फाइटर एयरक्राफ्ट के साथ-साथ 74 टन तक के मैक्सिमम टेक-ऑफ वजन वाले ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट को रखने के लिए डिजाइन किया गया है. 4.2 किमी लंबे मजबूत कंक्रीट वाले हिस्से को मिलिट्री और सिविलियन दोनों तरह के एयरक्राफ्ट को हैंडल करने में सक्षम इमरजेंसी रनवे के तौर पर बनाया गया है.
मोरन ईएलएफ की एक खास बात यह है कि इसमें बीच में रोड डिवाइडर नहीं है, जिससे लैंडिंग और टेक-ऑफ ऑपरेशन के दौरान एयरक्राफ्ट आसानी से आ-जा सकते हैं. भारत-चीन सीमा से नजदीकी इसकी स्ट्रेटेजिक अहमियत को और बढ़ा देती है.
ऊपरी असम में मोरन ईएलएफ को पूर्वोत्तर में India के सैन्य बुनियादी ढांचे में प्रमुख रणनीतिक वृद्धि के तौर पर देखा जा रहा है. इससे भारतीय वायुसेना को उस इलाके में ऑपरेशनल फ्लेक्सिबिलिटी मिलेगी, जहां हाल के सालों में तनाव बढ़ा है.
–
डीसीएच/