
देहरादून, 14 अप्रैल . Prime Minister Narendra Modi ने Tuesday को दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया. इस मौके पर उन्होंने देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए उत्तराखंड के विकास, कनेक्टिविटी, सामाजिक न्याय और महिला सशक्तीकरण पर अपनी बात रखी.
दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर पर बोलते हुए Prime Minister ने कहा कि ऐसे कॉरिडोर केवल सड़क नहीं होते बल्कि ये विकास के नए द्वार खोलते हैं. ये नए व्यापार, उद्योग, गोदाम और फैक्ट्रियों के लिए रास्ता तैयार करते हैं. इस कॉरिडोर से पूरे क्षेत्र का कायाकल्प होने की उम्मीद है और लोगों के लिए नई संभावनाएं पैदा होंगी.
अपने संबोधन की शुरुआत में Prime Minister ने कहा कि इस समय देश में त्योहारों की खुशी और नववर्ष का उत्साह है. उन्होंने सभी नागरिकों को वैसाखी, बोहाग बिहू और पुथंडु की हार्दिक शुभकामनाएं दीं.
Prime Minister ने कहा कि बाबा केदार के दर्शन के बाद उन्होंने जो बात कही थी कि इस सदी का तीसरा दशक उत्तराखंड का दशक होगा, वह अब सच होती दिख रही है. Prime Minister ने खुशी जताते हुए कहा कि “डबल इंजन Government” की नीतियों और राज्य के लोगों की मेहनत से उत्तराखंड तेजी से विकास के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है और कनेक्टिविटी मजबूत हो रही है. उन्होंने कहा कि दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे परियोजना इस प्रगति को और तेज करेगी और राज्य के विकास को नई गति देगी.
Prime Minister ने यह भी बताया कि उत्तराखंड अपनी स्थापना के 25 वर्ष पूरे कर 26वें वर्ष में प्रवेश कर चुका है और ऐसे समय में इस एक्सप्रेसवे का उद्घाटन एक बड़ी उपलब्धि है.
अंबेडकर जयंती का जिक्र करते हुए Prime Minister ने बीआर अंबेडकर को नमन किया. उन्होंने कहा कि बाबा साहेब का जीवन गरीबों, वंचितों और शोषितों को न्याय दिलाने के लिए समर्पित रहा. उन्होंने बताया कि बीते एक दशक में Government के फैसलों और नीतियों ने संविधान की गरिमा को पुनः स्थापित करने का काम किया है.
Prime Minister ने कहा कि अनुच्छेद 370 हटने के बाद अब पूरे देश में संविधान पूरी तरह लागू हो गया है. उन्होंने यह भी बताया कि देश के कई जिलों में माओवाद और नक्सलवाद खत्म हुआ है और वहां भी अब संविधान की भावना के अनुसार काम हो रहा है.
उन्होंने समान नागरिक संहिता (यूसीसी) का भी जिक्र किया और कहा कि यह संविधान की अपेक्षा है. उत्तराखंड ने इस दिशा में कदम बढ़ाकर पूरे देश को रास्ता दिखाया है.
Prime Minister ने सामाजिक न्याय को संतुलित विकास से जोड़ते हुए कहा कि Government हर गरीब और वंचित तक सुविधाएं पहुंचाने के लिए काम कर रही है. उन्होंने कहा कि बाबा साहेब अंबेडकर आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और औद्योगीकरण के बड़े समर्थक थे और आज Government उसी दिशा में काम कर रही है.
महिला सशक्तीकरण पर बात करते हुए Prime Minister ने ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि चार दशकों के इंतजार के बाद संसद ने यह कानून पास किया, जिससे Lok Sabha और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित हुआ है. उन्होंने सभी Political दलों द्वारा दिए गए समर्थन का स्वागत किया.
Prime Minister ने कहा कि इस कानून को लागू करने में अब और देरी नहीं होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि 2029 में Lok Sabha चुनाव होने हैं और उससे पहले यह आरक्षण लागू हो जाना चाहिए. यह देश की भावना और नारी शक्ति की इच्छा है.
उन्होंने बताया कि इसी विषय पर 16 अप्रैल से संसद में विशेष चर्चा तय की गई है. Prime Minister ने सभी Political दलों से अपील की कि वे मिलकर महिलाओं के हक से जुड़े इस महत्वपूर्ण काम को आगे बढ़ाएं.
पीएम मोदी ने बताया कि मैंने देश की सभी महिलाओं के नाम एक पत्र लिखा है, जिसमें उन्हें इस ऐतिहासिक पहल का हिस्सा बनने के लिए आमंत्रित किया गया है. उन्होंने विश्वास जताया कि देश की माताएं व बहनें इस पत्र को जरूर पढ़ेंगी और इस अभियान में भागीदारी करेंगी.
उन्होंने देवभूमि उत्तराखंड के सभी दलों से अपील करते हुए कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम में प्रस्तावित संशोधन का समर्थन करें और 2029 तक देश की आधी आबादी को उनका अधिकार दिलाने में सहयोग करें.
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वीकेयू/पीएम