‘लोगों को जेलों में यातनाएं दी गई थीं’, इमरजेंसी को लेकर भाजपा नेताओं ने कांग्रेस को घेरा

New Delhi, 24 जून . 25 जून 1975 को लगाए गए आपातकाल को लेकर भाजपा नेताओं की प्रतिक्रिया सामने आई है. उनकी ओर से कांग्रेस पर निशाना साधा गया.

से बातचीत करते हुए भाजपा के वरिष्ठ नेता और हिमाचल भाजपा के सह-इंचार्ज संजय टंडन ने कहा कि 25 जून का दिन देश के लोकतंत्र के इतिहास में एक काला दिवस के रूप में देखा जाता है. 1975 में 25 जून को लोकतंत्र की हत्या की गई थी. इस दिन एक फरमान जारी कर प्रेस को दबा दिया गया. सामाजिक और Political क्षेत्र के आवाज उठाने वाले लोगों को पकड़कर जेलों में भर दिया गया. जबरन नसबंदियां की गईं और मीसा के तहत Political व्यक्तियों को 19 महीने के लिए जेल में डाल दिया गया था.

संजय टंडन ने आगे कहा कि मेरा मानना है कि आज के जेनरेशन को शायद 1975 के बारे में जानकारी न हो. ये सारे गलत काम कांग्रेस के राज में इंदिरा गांधी के नेतृत्व में हुए थे. लोकतंत्र को लेकर कांग्रेस की ओर से जब बात की जाती है तो कई बार हंसी आती है कि जिन्होंने लोकतंत्र का गला घोंटा हो वे किस मुंह से ऐसी बात करते हैं. हम लोगों को पता है कि लोगों को जेलों में कैसे यातनाएं दी गईं.

संजय टंडन ने आगे कहा कि इलाहाबाद हाई कोर्ट की ओर से इंदिरा गांधी के चुनाव को रद्द कर दिया गया था. इंदिरा गांधी को इतना ही करना था कि किसी को Prime Minister का पद सौंप कर Supreme Court में अपना केस लड़तीं. ऐसा काम करने की बजाए, उन्होंने पूरे देश को जोखिम में डाल दिया. उनकी ओर से आपातकाल की घोषणा कर दी गई और सभी लोगों को जेल में डाल दिया गया.

टंडन ने आगे कहा कि संविधान को बदलकर कहा गया कि President, उपPresident, स्पीकर Lok Sabha और Prime Minister के चुनाव को कोई चैलेंज ही नहीं कर सकता. ऐसे कानून को पास कर दिया गया. देशभर को मैं बताना चाहता हूं कि लोकतंत्र की हत्या करना कांग्रेस पार्टी की बुनियाद ही रही है. इसको लेकर नागरिकों को जागरूक होना चाहिए.

वहीं, से बात करते हुए भाजपा नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि कुर्सी बचाने के लिए 25 जून की आधी रात को कांग्रेस पार्टी की ओर से संविधान की हत्या करने की कोशिश की गई थी. वह कांग्रेस के चेहरे पर ऐसा कलंक है, जो कभी नहीं मिट सकता. जनता की ओर से कांग्रेस को इसकी बड़ी सजा दी गई है. जो लोग संविधान लेकर घूम रहे हैं, उनको देश से माफी मांगनी चाहिए कि उन्होंने किस तरह से आपातकाल के नाम पर लोगों के मौलिक अधिकार को खत्म कर दिया.

मुख्तार अब्बास नकवी ने आगे कहा कि कांग्रेस की ओर से संविधान के मूल्यों और मर्यादाओं की धज्जियां उड़ा दी गई थी. लाखों लोगों को जेल में डाल दिया गया था. मैं खुद 17 वर्ष की उम्र में जेल में था. हमारे जैसे तमाम युवा जेल में यातनाएं सह रहे थे. लाखों लोगों की हत्या कर दी गई थी. इस आपराधिक कलंक को कांग्रेस कभी मिटा नहीं सकती. उनको देश से माफी मांग कर पाप का पश्चाताप करना चाहिए.

एसडी/एएस

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