
New Delhi, 30 अप्रैल . एग्जिट पोल के नतीजों के बाद देशभर में Political प्रतिक्रियाएं तेज हो गई हैं. विपक्षी नेताओं ने इन अनुमानों पर सवाल उठाते हुए अपने दावे पेश किए हैं. राजद प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने एग्जिट पोल को नकारते हुए कहा, “यह एग्जिट पोल नहीं, जनता ‘एग्जैक्ट पोल’ पर भरोसा करती है.”
उन्होंने से कहा, “हमें उम्मीद है कि पश्चिम बंगाल की जनता का ममता बनर्जी के प्रति स्नेह बरकरार है. ममता दीदी चौथी बार Government बनाएंगी और 4 मई को भाजपा को पश्चिम बंगाल छोड़ना पड़ेगा.” वहीं, कांग्रेस सांसद के. सुरेश ने से कहा कि केरल में यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) को स्पष्ट बहुमत मिलने जा रहा है.
उन्होंने कहा, “हम पहले ही कह चुके हैं कि यूडीएफ आरामदायक बहुमत के साथ Government बनाएगा. पिछले 10 वर्षों से पिनाराई विजयन की Government सत्ता में है, जो अब अलोकप्रिय, जनविरोधी और भ्रष्ट हो चुकी है. जनता अब बदलाव चाहती है.”
कांग्रेस सांसद जयप्रकाश ने भाजपा पर निशाना साधते हुए परिसीमन प्रक्रिया पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा, “जहां-जहां भाजपा ने धोखाधड़ी की है, वहां इसका असर दिखेगा. राहुल गांधी ने महिला आरक्षण विधेयक का नहीं, बल्कि परिसीमन बिल का विरोध किया था, क्योंकि असम में जिस तरह से परिसीमन किया गया, उसमें भौगोलिक सीमाओं को तोड़कर भाजपा के खिलाफ वोटों को एक जगह जोड़ दिया गया.”
कांग्रेस नेता राजेश ठाकुर ने भी एग्जिट पोल को लेकर प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा, “ऐसा कोई चुनाव नहीं होता, जहां भाजपा खुद को हारता हुआ बताए. वे केरल या अन्य राज्यों की बात नहीं कर रहे, जहां उनकी स्थिति कमजोर है. उनका पूरा ध्यान पश्चिम बंगाल पर है, लेकिन हमें नहीं लगता कि वे वहां Government बना पाएंगे. जनता अपना फैसला दे चुकी है, जो 4 मई को साफ हो जाएगा.”
एक ओर जहां भाजपा नेता एग्जिट पोल को सही बता रहे हैं, तो वहीं दूसरी ओर कांग्रेस और विपक्षी नेता इसे गलत साबित कर रहे हैं. क्या एग्जिट पोल एग्जैक्ट पोल साबित होगा या नहीं, इसका फैसला 4 मई को होगा, जब चुनाव आयोग की ओर से चुनाव के नतीजे घोषित किए जाएंगे.
–
वीकेयू/पीएम