
New Delhi, 7 दिसंबर . पिछले कुछ दिनों से देशभर में हवाई यात्राओं में काफी अव्यवस्था देखने को मिली है. सबसे ज्यादा परेशानी इंडिगो एयरलाइन के लगातार हो रहे फ्लाइट कैंसिलेशन की वजह से हुई, जिसके चलते हजारों यात्री एयरपोर्ट पर फंसे रहे. यह स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि एक संसदीय पैनल निजी एयरलाइंस के शीर्ष अधिकारियों और विमानन नियामक के वरिष्ठ प्रतिनिधियों को बुलाने पर विचार कर रहा है.
संसदीय स्थायी समिति (परिवहन, पर्यटन और संस्कृति), जिसके अध्यक्ष जेडीयू नेता संजय झा हैं, जल्द ही निजी एयरलाइंस के शीर्ष अधिकारियों को तलब कर सकती है. इनके साथ ही डीजीसीए और नागरिक उड्डयन मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों को भी समिति के सामने पेश होना पड़ सकता है. समिति की कोशिश यह समझने की है कि आखिर इतने बड़े स्तर पर फ्लाइट कैसे और क्यों कैंसिल की गईं और भविष्य में ऐसी नौबत दोबारा न आए, इसके लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं.
समिति के एक सदस्य ने साफ कहा कि इतनी बड़ी संख्या में यात्रियों को हुई परेशानी को हल्के में नहीं लिया जा सकता. एयरपोर्ट्स पर दिनभर खड़े रहने वाले लोग, अचानक यात्रा प्लान बिगड़ जाना और बिजनेस मीटिंग्स छूट जाना, यात्रियों को भारी दिक्कत का सामना करना पड़ा. स्थिति का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कई सांसद, जो संसद के शीतकालीन सत्र के लिए दिल्ली पहुंचे थे, खुद भी देर से उड़ानों और कैंसिलेशन की मार झेल चुके हैं.
इसके साथ ही, कई सांसदों को अपने-अपने क्षेत्रों से यह शिकायतें भी मिलीं कि फ्लाइट की कमी और अव्यवस्था की वजह से हवाई किराए अचानक बहुत ज्यादा बढ़ गए हैं. लोगों को मजबूरी में महंगे टिकट खरीदने पड़े, जिससे आम यात्रियों पर आर्थिक बोझ और बढ़ गया.
अकेले Sunday को इंडिगो ने दिल्ली और Mumbai हवाई अड्डों पर 220 से अधिक उड़ानें रद्द कर दीं. यह पूरा संकट लगातार छह दिनों से जारी है, जिससे यात्रियों के बीच गहरी नाराजगी है.
इस बीच, डीजीसीए पहले ही इंडिगो के सीईओ पीटर एल्बर्स और सीओओ पोर्क्वेरास को नोटिस भेज चुका है. नियामक ने एयरलाइन से पूछा है कि इतने बड़े पैमाने पर उड़ानें क्यों रद्द की गईं और यात्रियों को बेहतर जानकारी और मदद क्यों नहीं दी गई.
उधर, इंडिगो ने अपनी ओर से एक बयान जारी कर बताया कि संकट से निपटने के लिए उसकी पैरेंट कंपनी इंटरग्लोब एविएशन के बोर्ड ने एक क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप बना दिया है. यह समूह हालात पर बारीकी से नजर रख रहा है और लगातार बैठकों में स्थिति का आकलन कर रहा है.
कंपनी का कहना है कि वे हर संभव कोशिश कर रहे हैं कि यात्रियों को कम से कम परेशानी हो. रिफंड तेजी से प्रोसेस किए जा रहे हैं और उड़ानों को सामान्य स्थिति में लाने के लिए काम जारी है. इंडिगो का आश्वासन है कि जल्द ही ऑपरेशंस सामान्य हो जाएंगे.
–
पीआईएम/एबीएम