
कोलकाता, 25 जुलाई . Friday को नीट परीक्षा के पेपर लीक के विरोध में आयोजित कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) की संयुक्त रैली में शामिल हुए राजाबाजार, किडरपुर, पार्क सर्कस, गार्डन रीच और इकबालपुर के कुछ चुनिंदा इलाकों के असामाजिक तत्वों की पहचान की गई है. इन तत्वों ने ही रैली में Policeकर्मियों और मीडियाकर्मियों पर हमला किया. यह जानकारी बंगाल के Chief Minister सुवेंदु अधिकारी ने Saturday को विधानसभा में दी.
उन्होंने कहा कि Police को सख्त निर्देश दिए गए थे कि वे किसी भी लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण आंदोलन पर बल प्रयोग न करें. लोकतांत्रिक व्यवस्था में विरोध प्रदर्शन भी एक लोकतांत्रिक अधिकार है. लेकिन वहां अराजकता फैल गई.
सीजेपी ने कहा कि वामपंथी छात्र और युवा संगठन भी विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए. इनमें कोलकाता और आसपास के इलाकों के लोग भी थे, जो न तो छात्र हैं और न ही नीट से उनका कोई संबंध है.
उन्होंने पत्रकारों पर हुए हमले को लेकर कहा कि वोट खोने वाले सभी लोग राजाबाजार, किडरपोर पार्क सर्कस, गार्डन रीच, इकबालपुर और न्यूटाउन से आए थे. उन्होंने डोरिना क्रॉसिंग पर Police पर पानी की बोतलें और जूते फेंके.
Chief Minister ने विधानसभा के चल रहे छह दिवसीय विस्तारित बजट सत्र के समापन दिवस पर सदन को संबोधित करते हुए यह बात कही.
Chief Minister के अनुसार, रैली में एकत्रित इन असामाजिक तत्वों का मुख्य उद्देश्य तनाव और हिंसा फैलाना और इस तरह सुर्खियां बटोरना था. वे चाहते थे कि Police लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले दागकर बल प्रयोग करे. उनका इरादा तनाव बढ़ाना और इस तरह तमाशा खड़ा करना था. सौभाग्य से, Police उनके जाल में नहीं फंसी. लेकिन उन्होंने अपने हमले जारी रखे.
Chief Minister ने कहा कि कुछ पत्रकारों पर हमला किया गया और वे घायल हो गए. इनमें से छह पत्रकार गंभीर रूप से घायल हैं. कुल सात मामलों की सुनवाई नवगठित पश्चिम बंगाल सार्वजनिक सुरक्षा एवं असामाजिक गतिविधियों पर नियंत्रण अधिनियम, 2026 के तहत की जाएगी, जिसमें राज्य में उपद्रव और असामाजिक गतिविधियों तथा भ्रष्टाचार को रोकने के लिए कड़े प्रावधान हैं.
इस बीच, Friday की रैली के दौरान हुई उपद्रव के संबंध में एक और First Information Report दर्ज की गई है, जिससे इस मामले में दर्ज First Information Report की कुल संख्या सात हो गई है.
cctv फुटेज और वीडियो से कुल 70 लोगों की पहचान की गई है जो Friday को हुई उपद्रवी गतिविधियों में सीधे तौर पर शामिल थे.
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एमएस/