
Patna, 20 मार्च . सतर्कता जांच ब्यूरो (वीआईबी) ने भ्रष्टाचार विरोधी एक बड़ी कार्रवाई में नालंदा जिले में एक पंचायती राज अधिकारी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है.
आरोपी अनुष्का कुमारी नागरनौसा ब्लॉक में ब्लॉक पंचायती राज अधिकारी (बीपीआरओ) के पद पर तैनात थीं, जिनको एक गुप्त अभियान के दौरान रंगे हाथों पकड़ा गया.
यह जिला Chief Minister नीतीश कुमार का गृह क्षेत्र होने के कारण Political रूप से महत्वपूर्ण है.
एक अधिकारी के अनुसार, यह कार्रवाई खपुरा गांव के निवासी अजय कुमार की शिकायत के बाद की गई, जिन्होंने आरोप लगाया था कि अधिकारी ने छठ घाट पर सीढ़ियों के निर्माण से संबंधित एक परियोजना को आगे बढ़ाने और उससे जुड़ी फाइल को जल्द निपटाने के लिए रिश्वत की मांग की थी.
शिकायत की पुष्टि करने के बाद, सतर्कता ब्यूरो ने एक विशेष टीम का गठन किया और जाल बिछाया.
शिकायतकर्ता को रिश्वत की रकम के साथ अधिकारी के कार्यालय भेजा गया, जबकि सतर्कता कर्मी आम आगंतुकों का रूप धारण करके अंदर मौजूद रहे.
जैसे ही अधिकारी ने कथित तौर पर शिकायतकर्ता से 12,000 रुपए लिए, टीम ने कार्रवाई की और उसे मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया.
प्रारंभिक पूछताछ के बाद उन्हें आगे की पूछताछ के लिए Patna ले जाया जा रहा है.
उन्हें आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए सतर्कता न्यायालय के समक्ष पेश किया जाएगा.
यह जिले में एक सप्ताह के भीतर की गई दूसरी बड़ी सतर्कता कार्रवाई है.
इससे पहले, 16 मार्च को विभाग ने चंडी ब्लॉक के ब्लॉक संसाधन केंद्र में तैनात शिक्षक मनोज कुमार वर्मा को 17,000 रुपए की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था.
यह मामला एक महिला शिक्षिका की शिकायत से शुरू हुआ, जिसने आरोप लगाया था कि अदालत के आदेश के बावजूद उसका वेतन रोक दिया गया था.
बताया जाता है कि वर्मा ने ब्लॉक शिक्षा अधिकारी पुष्पा कुमारी के साथ मिलीभगत करके बकाया वेतन जारी करने के लिए पैसे की मांग की थी.
ब्लॉक शिक्षा अधिकारी के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है और जांच जारी है.
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एमएस/