पाकिस्तान पहले आतंकवाद बंद करे, फिर होगी बातचीत: कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी

चंडीगढ़, 4 जुलाई . कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने Saturday को Pakistan के साथ बातचीत फिर से शुरू करने के मकसद पर सवाल उठाया. उन्होंने कहा कि इस्लामाबाद जब तक India के खिलाफ आतंकवाद को बढ़ावा देना बंद नहीं करता, तब तक बातचीत का कोई मतलब नहीं.

कांग्रेस सांसद का यह बयान तब आया जब Thursday को जम्मू-कश्मीर के Chief Minister उमर अब्दुल्ला ने कहा कि अगर मकसद दोनों पड़ोसी देशों के बीच रिश्ते सुधारना है, तो भारत-Pakistan बातचीत पर किसी को भी आपत्ति नहीं होनी चाहिए.

Chief Minister ने कहा कि India और Pakistan के बीच टकराव कोई नई बात नहीं है और यह पिछले तीन-चार दशकों से चला आ रहा है. उन्होंने कहा कि यह टकराव 30 से 40 साल पुराना है और पिछले साल पहलगाम हमले के बाद यह और बढ़ गया था. अब, एक पत्र के जरिए Prime Minister से दोनों देशों के बीच रिश्ते सुधारने का अनुरोध किया गया है. इस पर किसी को कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए.

से ​​बातचीत में मनीष तिवारी ने कहा, “1971 में जब India ने बांग्लादेश बनाने में मदद की, तब से Pakistan बदले की भावना पाले हुए है. उस समय, पूर्वी Pakistan के लोगों पर पश्चिमी Pakistanी सेना के अत्याचारों के कारण उन्हें सरेंडर करना पड़ा था और India ने लगभग 91 हजार Pakistanी सैनिकों को युद्धबंदी बनाया था. तब से वे बदला लेने की कोशिश कर रहे हैं. उनकी रणनीति ‘India को हज़ार घाव देकर लहूलुहान करने’ की रही है और वे बार-बार आतंकवाद को बढ़ावा देते रहे हैं.”

पहलगाम हमले का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, “बैसारन हमले में 26 लोगों की हत्या उनके धर्म के बारे में पूछने के बाद की गई थी. India को यह इतनी जल्दी नहीं भूलना चाहिए. आप असल में Pakistan से किस बारे में बात करना चाहते हैं? India Pakistan से सिर्फ एक ही चीज चाहता है और वह यह है कि पाक आतंकवाद को बढ़ावा देना बंद करे.”

उन्होंने आगे पूछा, “क्या Pakistan में किसी ने इस बात की गारंटी दी है कि उसकी जमीन का इस्तेमाल India के खिलाफ आतंकवाद के लिए नहीं किया जाएगा? जनरल मुशर्रफ ने अटल बिहारी वाजपेयी को भरोसा दिलाया था और बाद में मनमोहन सिंह और Prime Minister Narendra Modi से भी ऐसे ही वादे किए थे. उन वादों को कभी पूरा नहीं किया गया.”

पीएसके

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