ईरानी संघर्ष में मध्यस्थ बन रहे पाकिस्तान की बढ़ी मुसीबत, यूएई ने वापस मांगा 3.5 अरब डॉलर का कर्ज

इस्लामाबाद, 4 अप्रैल . ईरान और अमेरिका के बीच संघर्ष खत्म करने के लिए Pakistan ने मध्यस्थता करने की कोशिश की. हालांकि आर्थिक मोर्चे पर खुद तंगहाली से जूझ रहे Pakistan को अब संयुक्त अरब अमीरात ने बड़ा झटका दे दिया है. दुनिया से आर्थिक मदद मांगकर काम चला रहे Pakistan को इस महीने के अंत तक संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) से लिया हुआ 3.5 अरब डॉलर का कर्ज लौटाना होगा.

यूएई की तरफ से कर्ज चुकाने की अवधि को बार-बार बढ़ाया जा रहा था. हालांकि, Friday को आई मीडिया रिपोर्ट्स में साफ किया गया है कि यूएई ने Pakistan से इस महीने के अंत तक सारा कर्ज वापस करने के लिए कहा है.

मौजूदा समय में Pakistan के पास विदेशी मुद्रा भंडार (रिजर्व) में 21 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक की राशि है. विदेशी मुद्रा भंडार की राशि से Pakistan फिलहाल यूएई को कर्ज चुका सकता है, लेकिन आने वाले महीनों में देश को बाहरी वित्तीय मदद की आवश्यकता पड़ सकती है.

हालांकि, Pakistan दुनिया के अन्य देशों के सामने हाथ फैलाकर ही अपनी गाड़ी को आगे खींच रहा है. 31 मार्च 2026 तक Pakistan ने आईएमएफ से लगभग 729 करोड़ डॉलर का कर्ज ले रखा है. ट्रेडिंग इकोनॉमिक्स के अनुसार, Pakistan पर कुल विदेशी कर्ज दिसंबर 2025 की दूसरी तिमाही तक लगभग 138 अरब डॉलर पहुंच गया है.

आईएमएफ के अनुसार, Pakistan वर्तमान में आईएमएफ के 7 अरब डॉलर के विस्तारित फंड सुविधा कार्यक्रम के तहत काम कर रहा है. मार्च 2026 के अंत में, आईएमएफ ने Pakistan के लिए लगभग 1.2 अरब डॉलर की अगली किस्त जारी करने पर सहमति जताई.

चीन Pakistan का सबसे बड़ा कर्जदाता है. चीन ने Pakistan को लगभग 29 अरब डॉलर का कर्ज दिया है. इसके अलावा सऊदी अरब ने करीब 9.16 अरब डॉलर की वित्तीय सहायता और जमा राशि के रूप में मदद दी है.

प्रोफिट बाई Pakistan के आंकड़ों के अनुसार, Pakistan को अप्रैल 2026 में 1.3 अरब डॉलर के यूरोबॉन्ड का भुगतान भी करना है.

Pakistanी मीडिया डॉन की रिपोर्ट के अनुसार, अधिकारी ने बताया कि अबू धाबी ने रकम तुरंत वापस करने की मांग की थी. अधिकारी ने कहा, “यह रकम जल्द से जल्द वापस कर दी जाएगी. वित्तीय कारणों से राष्ट्रीय गरिमा से समझौता नहीं किया जा सकता.”

डॉन के अनुसार, ये फंड 2019 में यूएई द्वारा Pakistan के पेमेंट बैलेंस को स्थिर करने में मदद के लिए दिए गए बाहरी फाइनेंसिंग सपोर्ट का हिस्सा थे. अधिकारी ने कहा कि इस फैसले से अबू धाबी फंड फॉर डेवलपमेंट के जरिए जमा किए गए डिपॉजिट को लेकर अनिश्चितता खत्म हो गई है, जिसे 2019 से कई बार रोलओवर किया गया था.

अपने चल रहे इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड प्रोग्राम के तहत, Pakistan को रिजर्व लेवल बनाए रखने और बाहरी फंडिंग की जरूरतों को पूरा करने के लिए तीन मुख्य पार्टनर—चीन, सऊदी अरब और यूएई—से लगभग 12.5 बिलियन डॉलर का रोलओवर हासिल करने की जरूरत है. इसलिए, यूएई के डिपॉजिट इस व्यवस्था का एक जरूरी हिस्सा थे.

डॉन ने आर्थिक विश्लेषक के हवाले से बताया कि अगर नए इनफ्लो से फंड वापस नहीं आया तो रुपये पर दबाव बढ़ सकता है और आईएमएफ प्रोग्राम के तहत Pakistan की स्थिति मुश्किल हो सकती है.

दूसरी ओर, वित्तीय मंत्रालय ने social media प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के जरिए कहा कि वह “स्थिर फॉरेन एक्सचेंज रिजर्व सुनिश्चित करने के लिए Pakistan के बाहरी फ्लो पर लगातार नजर रख रही है और उन्हें मैनेज कर रही है.”

इसमें आगे कहा गया, “Pakistan Government अपनी सभी बाहरी जिम्मेदारियों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है.”

केके/एएस

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